मिर्जापुर। परिषदीय स्कूलों में फर्जी कागजातों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले सगे भाईयों हरिशंकर और जयशंकर पर आखिरकार मुकदमा दर्ज हो गया। खंड शिक्षा अधिकारी सिटी की तहरीर पर देहात कोतवाली में 28 जुलाई को पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
खंड शिक्षा अधिकारी सिटी द्वारा हरिशंकर पुत्र नान्हक प्रसाद के खिलाफ कराए गए एफआईआर के अनुसार इंटरमीडिएट का फर्जी अंकपत्र व कूटरचित प्रमाण पत्र के आधार पर बीएससी, बीएड व विशिष्ट बीटीसी का प्रमाण पत्र प्राप्त किया। राकेश बिंद के शिकायत की जांच के आधार पर सत्यापन कराया गया, जिसमें इंटरमीडिएट अनुर्तीण मिले। इनके द्वारा इंटरमीडिएट उर्तीण का प्रमाण पत्र देकर उपरोक्त डिग्री और नौकरी प्राप्त की।। ऐसी स्थिति में बीएसए द्वारा पद स्थापन निरस्त करते हुए इनकी सेवाएं समाप्त कर दी है। साथ ही शासकीय धनराशि वेतन भुगतान भत्ते आदि को रिकवरी कराते हुए जनपदीय कोषागार में जमा कराने का निर्देश दिया है। सीओ सदर बृजेश तिवारी के निर्देश पर भारतीय दंड सहिता के तहत धारा 419, 420, 467, 468 और 471 के तहत एफआईआर दर्ज हुआ। इसी प्रकार दूसरे भाई जयशंकर पुत्र नान्हक पर भी फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पिछड़ी जाति का होते हुए अनुसूचित जाति का लाभ लेकर बीटीसी प्रशिक्षण उर्त्तीण किया। मामले की जांच के बाद पिछड़ी जाति का होते हुए गलत तरीके से अनुसूचित जाति का लाभ लेने की शिकायत सही मिली। सीओ सदर बृजेश तिवारी के निर्देश पर इनके खिलाफ भी धारा 419, 420, 467, 468 और 471 के तहत देहात कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया।