मिर्जापुर। नगर की सीवर व्यवस्था सुधारने के लिए प्रदेश सरकार ने नगर पालिका परिषद के पौने तीन सौ करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब नगर की शेष आबादी को भी सीवर व्यवस्था से जोड़ा जा सकेगा। अभी तक नगर की मात्र तीस फीसदी आबादी को ही सीवर का लाभ मिल रहा है।
नगर में गंगा कार्य योजना के तहत दशकों पूर्व सीवर व्यवस्था का काम शुरू हो गया था। उस समय के सर्वे के बाद अधिकांश मुख्य बस्तियों को सीवर सिस्टम से जोड़ा गया था। उसके बाद से धीरे- धीरे और भी काम होते रहे लेकिन अभी भी नगर की लगभग 60 फीसदी आबादी सीवर व्यवस्था से वंचित है। इस प्रस्ताव की स्वीकृति से पूरे नहर में सीवर का प्रसार हो सकेगा।
नगर के सभी वार्ड जुड़ेंगे
इस प्रस्ताव के बाद नगर के सभी वार्डों को सीवर व्यवस्था से संतृप्त किया जा सकेगा। नगर में दो सौ तीन किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही विंध्याचल में भी 50 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए दो सौ 88 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। बताया जा रहा है कि स्वीकृति के बाद अब टेंडर की प्रक्रिया होगी और उसके बाद कार्य आरंभ होगा। माना जा रहा है कि संपूर्ण प्रक्रिया ढाई से तीन वर्षों में पूरी हो जाएगी। इसको अमृत योजना के तहत स्वीकृति दी गई है। माना जा रहा है कि गंगा स्वच्छ योजना को इस कार्य से बल मिलेगा।
इस बाबत नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है। इससे नगर को स्वच्छ रखने की मुहिम को जारी रखने में मदद मिलेगी। नागरिकों को भी इससे सहूलियतें होंगी।