करहट स्थित शिव मंदिर परिसर में भारतीय किसान यूनियन की किसान पंचायत गुरूवार को हुई। जिसमें डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर परियोजना के तहत रेल प्रशासन के खिलाफ किसानों ने बड़े संघर्ष का एलान किया। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश सिह टिकैत व प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने रेलवे क्रासिंग करहट पर अंडर ग्राउंड पुल की बजाय ओवर ब्रिज बनाने व रेलवे द्वारा लिए गए जमीन के बदले मुआवजा व परिवार को नौकरी दिये जाने की मांग किया।
उन्होंने कहा कि किसान फत्तेपुर टोल प्लाजा पर क्षेत्र के फोर व्हीलर गाड़ियों को टोल टैक्स की छूट देने, छुट्टा पशुओं व घड़रोज, जंगली जानवर के कारण किसानो की नष्ट हो रहे फसलों की सुरक्षा की मांग किया। करहट क्रासिंग के पास जल स्तर कम है वहां अंडर ग्राउंड पुल कैसे सफल हो पाएगा, इससे पुल में बराबर पानी भरा रहेगा। पहले सरकार ने कहा था कि जिस किसान की जमीन लेंगे उनके आश्रित को नौकरी दी जाएगी अगर नौकरी नही दी जाती है तो उसे पांच लाख रुपये दिये जाएंगे। सर्किल रेट भी नही मिला और पैसा तो देना पड़ेगा। गैस पाइप लाइन की 430 रुपये मीटर के हिसाब से देना है, सरकार ने किसानों से झूठ बोल कर जमीन ले लिया है । कहा कि समस्या का समाधान होने तक रेलवे कोई भी काम नही करेगा। रेलवे दोबारा सर्वे करा कर ओवर ब्रिज पुल की व्यवस्था करें 7 कहाकि आजादी के 70 वर्ष बाद भी किसानों की हालत बद से बदतर हो गई है। पंचायत में मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसके पूर्व पंचायत को प्रदेश सचिव सुरेश यादव, मंडल अध्यक्ष प्रहलाद पटेल, जिलाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह, मिथिलेश यादव, जितेंद्र तिवारी आदि ने संबोधित किया। संयोजक अनिल सिह व बनारसी यादव ने आभार व्यक्त किया। अध्यक्षता श्री नारायण सिंह व संचालन प्रहलाद सिह पंचायत में उपजिलाधिकारी अविनाश त्रिपाठी, तहसीलदार सुरेंद्र बहादुर सिंह, थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, अनिल कुमार सिंह पटेल, रमाकांत पटेल, रामनिहोर सिंह, माता प्रसाद पटेल, संजय सिंह, श्रीनरायन सिंह, अरूण सिंह, परामलाल सिंह, राजेंद्र सिंह, कंचन सिंह, छन्नू सिंह, शीतला सिंह, आनंद सिंह आजाद, उदय नाथ सिंह, कन्हैया लाल गुप्ता, मंगला प्रसाद सिंह आदि मौजूद रहे।