जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इसमें चार हजार से अधिक शिक्षक तैनात है। शासन स्तर से जरूरत के हिसाब से शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है। एक दशक पूर्व नियुक्ति प्रक्रिया कागजों में ही चलती थी। पांच साल पूर्व से प्रेरणा पोर्टल पर सबकुछ ऑनलाइन होने पर फर्जी अभिलेख के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों की पोल खुलने लगी।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से लेकर अन्य विश्वविद्यालयों की डिग्री संदिग्ध मिली। सत्यापन होने पर दूसरे के अभिलेख पर नौकरी करते हुए 22 शिक्षक मिले। बेसिक शिक्षा विभाग ने सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर 2023 से लेकर मार्च 2025 तक 22 शिक्षकों को बर्खास्त किया।
2023 से लेकर 2024 तक बर्खास्त 11 शिक्षकों के वेतन की रिपोर्ट लेखा विभाग ने बेसिक शिक्षा विभाग को सौंप दिया है। फर्जी शिक्षकों की अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।