मिर्जापुर। केंद्रीय कार्यकारिणी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति लखनऊ के निर्देश पर बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने 16वें दिन भी कार्य बहिष्कार किया। उन्होंने मुख्य अभियंता फतहां के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिकारियों ने सरकार की सदबुद्घि प्रदान करने के लिए बुद्घि सुद्घि यज्ञ भी किया।
सभा की अध्यक्षता करते हुए अधीक्षण अभियंता रजत जुनैजा कहा कि सभी संगठनों ने निजीकरण का विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी जनपदों में संगठन के प्रतिनिधि मंडल जनप्रतिनिधियों से मिलकर अपना विरोध जता चुके है। उन्होंने बताया कि आठ अप्रैल को वर्क टू रूल के तहत कार्य किया जाएगा। प्रत्येक कर्मचारी व अधिकारी सुबह दस से शाम पांच बजे तक की कार्य करेगा। नौ से 12 अप्रैल तक 72 घंटे तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। सभी वक्ताओं द्वारा कहा गया कि सरकार की सरकारी विभागों उद्यमों को निजीकरण करने की नीति जन विरोधी है। जिसके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। सभी में यह भी बताया गया कि अगर आंदोलन के दौरान प्रदेश में कही किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न हुआ तो बिना कोई नोटिस दिए अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार कर दिया जाएगा। इस दौरान अधिशासी अभियंता यदुनाथ राम, इंजीनियर एके सिंह, अनिल शुक्ल, अतुल रघुवंशी, राम सिंह, विनय कुमार, विपिन पटेल, सूरज शाह, अभिषेक यादव, अनिल केशरी, मुकेश चौरसिया, अभय सिंह, रमन, रमेश गौतम, आलोक ओझा, रमेश वैश्य आदि मौजूद रहे।
अधिशासी अभियंता यदुनाथ राम ने बताया कि हमारे आंदोलन को प्रदेश स्तर पर राजनीतिक दल ने भी मांगों को जायज ठहराया है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल मिर्जापुर ने भल्ज्ञी विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति को समर्थन दिया है। इसमें मुख्य रूप से शत्रुधन केशरी, संजय सिंह गहरवार, शैलेंद्र अग्रहरी, अजीत साहू, अशोक तिवारी, समीर अहमद रिवजी आदि शामिल है।