त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में मतदान के दौरान शुक्रवार की दोपहर विकास खंड मझवां के दो मतदान केंद्रों पर फर्जी वोटिंग कराने के विवाद में प्रत्याशी समर्थकों और बूथ एजेंटों के बीच जमकर मारपीट होगी। दोनों पक्षों से 12 लोग घायल हो गए। मामले की जानकारी होने पर पहुंचे थानाध्यक्ष कछवां ने बूथों पर उत्पात मचा रहे लोगों को लाठी भांज कर खदेड़ा। साथ ही दो लोगों को हिरासत में ले लिया। वहीं, देहात कोतवाली क्षेत्र में हुई मारपीट में दो लोग घायल हो गए। पीड़ितों में तहरीर दी है।
मझवां के प्राथमिक विद्यालय जमुहारी पर सुबह लोग मतदान के लिए कतार में खड़े थे। इसी बीच, किसी ने बताया कि एक प्रत्याशी के समर्थक कुछ लोगों से अपने पक्ष में फर्जी वोटिंग करवा रहे हैं। दूसरे प्रत्याशी के समर्थक वहां पहुंच गए और कुछ मतदाताओं को लाइन से बाहर जाने की बात कहने लगे। इसका विरोध जताने पर दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच नोकझोंक होने लगी। मामला बढ़ने पर मारपीट शुरू हो गई।
इसमें एक पक्ष से चार लोग घायल हो गए। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष राममोहन राय को देखते ही दोनों पक्ष के लोग वहां से भाग निकले। इसी तरह, प्राथमिक विद्यालय महामलपुर में मतदान के दौरान जिलाधिकारी ने कुछ प्रत्याशी के एजेंटों को बूथ के बाहर कर दिया। बाहर निकलने पर एजेंट एक-दूसरे पर फर्जी वोट डालने का आरोप लगाते हुए भिड़ गए। मारपीट में दोनों पक्षों से आठ लोग घायल हो गए।
मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष राममोहन राय ने मारपीट कर रहे लोगों को लाठी भांज कर खदेड़ा। इस दौरान पुलिस ने दोनों गुटों से एक-एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। देहात कोतवाली क्षेत्र के लेढ़ूगांव में क्षेत्र पंचायत सदस्य के समर्थकों के बीच फर्जी मतदान के विवाद में मारपीट हो गई। इसमें एक पक्ष से राजेश तिवारी (45) और उसका भाई संटू तिवारी घायल हो गए। उन्होंने कोतवाली में तहरीर दी है।
वहीं, विकास खंड सिटी के चितावनपुर गांव में शुक्रवार की सुबह फर्जी वोटिंग कराने को लेकर दो पक्षों में नोकझोंक हो गई। मामले की जानकारी होने पर डीएम राजेश कुमार सिंह एवं एसपी मौके पर पहुंचे। चेतावनी दी कि पूरे चुनाव की वीडियोग्राफी कराई जा रही है। कोई भी उत्पात मचाने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए जेल भेजेगी।
फर्जी मतदान कराने पहुंचा युवक हिरासत में : विकास खंड कोन के प्राथमिक विद्यालय मझवां पर हो रहे मतदान के दौरान एक युवक फर्जी वोटिंग करने पहुंच गया। इसकी शिकायत मिलने पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और जब उसका नाम पता पूछने लगी तो वह कभी कुछ तो कभी कुछ बताता रहा। इससे पुलिस को उस पर आशंका हुई और उसे हिरासत में लेकर बैठाए रखा।