मिर्जापुर। जिले में पीएम आवास योजना (शहरी) का हाल बेहाल है। कइयों का आवास के लिए चयन तो हुुआ लेकिन अभी भी वे पहली किस्त के लिए ही भागा- दौड़ी कर रहे हैं। यह संख्या एक-दो में नहीं बल्कि सैकड़ों में है। लाभार्थी इधर- उधर भटक रहे हैं।
जिले में सभी तीन नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के लिए नौ हजार एक सौ 15 आवासों का आवंटन किया गया था। प्रत्येक के लिए ढाई लाख रुपये का ऋण तीन किस्तों में दिया जाना था। इसमें अकेले नगरपालिका परिषद मिर्जापुर में ही चार हजार तीन सौ 54 आवासों का लक्ष्य दिया गया था। बड़ी संख्या में आवेदन किया गया। इसमें से तीन हजार सात सौ 63 का चयन किया गया था। खास बात यह है कि इसमें से मात्र इनको ही पहली किस्त 50 हजार रुपये की दी गई। नगर पालिका के आंकड़ों के अनुसार ही करीब छह सौ 44 पात्रों को पहली किस्त नहीं दी गई जबकि इनकी संख्या कम से कम पांच सौ बताई जा रही है। वहीं दो हजार नौ सौ 60 को दूसरी किस्त डेढ़ लाख रुपया भी जारी कर दिया गया। विभाग ने तो दावा कर दिया लेकिन वास्तविकता में अधिकांश लोगों को कोई न कोई समस्या है। लाभार्थियों का आरोप है कि विभाग उनको बेवजह दौड़ा रहा है। इस काम में बड़ी संख्या में बिचौलिए सक्रिय हैं। बैंक और विभाग से सांठगांठ कर मामले को बेवजह उलझा दिया जाता है। आशानुरूप काम होने पर सभी काम एक साथ ही हो जाते हैं।
पात्र लाभार्थियों को पहली और दूसरी किस्त जारी कर दी गई है। सभी आवेदन आनलाइन हैं और पैसा भी सीधे खाता में जा रहा है। इस मामले में पारदर्शिता बरती जा रही है। - रामजी उपाध्याय, नगर अभियंता, नगर पालिका परिषद मिर्जापुर
पीएम आवास योजना शहरी एक नजर में
लक्ष्य - 4354 आवास
जियो टैगिंग 3863
पहली किस्त 3710
दूसरी किस्त 2960