हलिया/मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने मध्यप्रदेश को बाण सागर के पानी के लिए 47 करोड़ 8 लाख रुपये बकाया भुगतान की धनराशि अवमुक्त कर दी है। बकाया रकम के भुगतान का मार्ग प्रशस्त होते ही मध्य प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में हलिया स्थित अदवा बैराज को बाण सागर से पानी देने पर लगाई गई रोक को हटा लिया है। इसके चलके नवंबर माह के प्रथम सप्ताह में ही बाण सागर का पानी अदवा बैराज में पहुंचने लगेगा । बकाया धनराशि के भुगतान के बाद अब अदवा तथा मेजा डैम को आवश्यकतानुसार पानी मिलने की बाधा दूर हो गई है ।
बता दें कि मध्यप्रदेश तथा उत्तर प्रदेश के बीच हुए समझौते के मुताबिक 15 अक्टूबर से बाण सागर का पानी अदवा बैराज को दिया जाना था, लेकिन अक्टूबर माह में उत्तर प्रदेश द्वारा पानी की डिमांड करने पर मध्यप्रदेश की बाण सागर परियोजना ने 118 करोड़ रुपये बकाया होने की वजह बताकर पानी देने से इंकार कर दिया था। बाण सागर परियोजना मिर्जापुर मंडल दो के अधीक्षण अभियंता सुरेन्द्र नाथ पांडेय ने बताया कि विगत दिनों केंद्रीय जल आयोग के चेयरमैन की अध्यक्षता में बाण सागर कंट्रोल बोर्ड की एग्जक्यूटिव कमेटी की त्रिपक्षीय बैठक में लिए गए निर्णय के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एमपी के सहडोल स्थित बाण सागर के पानी का वास्तविक बकाया धनराशि अवमुक्त कर दिया गया है। अवमुक्त बकाया धनराशि एमपी बाण सागर के बैंक खाते में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। बकाया भुगतान के लिए धनराशि अवमुक्त होने की प्रमाणित जानकारी के बाद एमपी ने अदवा बैराज को समझौते के अनुसार पानी देने की अनुमति दे दी है। बकाया भुगतान की समस्या का समाधान हो जाने के बाद अब मिर्जापुर तथा इलाहाबाद जिले को मिलाकर करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में पलेवा तथा रबी सीजन के फसल की सिंचाई के लिए अदवा तथा मेजा जलाशय से पर्याप्त पानी मिलना प्रारंभ हो जाएगा ।
कोट
शासन ने बाण सागर पानी का बकाया चल रहे 47 करोड़ आठ लाख रुपया भुगतान के लिए अवमुक्त कर दिया है। पैसा मिलने की जानकारी होते ही मध्य प्रदेश सरकार ने यूपी को पानी देने के लिए राजी हो गई है। किसानों के खेतों की सिंचाई में अब कोई बाधा नहीं आएगी।
सुरेंद्रनाथ पांडेय
अधीक्षण अभियंता बाणसागर