फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंडलीय चिकित्सालय की व्यवस्था चरमराई

विज्ञापन
मंडलीय अस्पताल में हड्डी विशेषज्ञ के न होने से मरीज हुए परेशान
विज्ञापन
मिर्जापुर। मंडलीय चिकित्सालय में डॉक्टरों की लेटलतीफी और दवाओं की कमी होने की वजह से रोगियों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। चर्मरोग, एलर्जी, ब्लड प्रेशर समेत अन्य सामान्य बीमारियों की दवाओं का टोटा है जिससे रोगियों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही है। शनिवार को मंडलीय अस्पताल में दोपहर तक हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं बैठे थे जिससे रोगियों को घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ी।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और प्रशासन के निर्देश के बाद भी मंडलीय चिकित्सालय की व्यवस्था सुधर नहीं पाई है। अस्पताल में न तो समय से डाक्टर बैठ रहे हैं न ही कर्मचारी अपेक्षित ड्यूटी कर रहे हैं। आलम यह है कि परिजनों को अपने मरीज को खुद स्टेचर पर वार्ड तक पहुुंचाना पड़ रहा है। वहीं अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती झुलसे महिला व पुरुष की मरहम पट्टी परिजन ही कर रहे हैं। बेहतर तरीके से मरीज का इलाज नहीं होने के कारण हलिया निवासिनी एक झुलसी महिला के हाथ में संक्रमण हो गया है। स्थिति खराब होने के चलते अब तो चिकित्सक समेत अन्य स्टाफ भी उसके पास जाने से कतराने लगे हैं। मजबूरी में परिजन अपने मरीज का किसी तरह से मरहम पट्टी कर रहे हैं। अस्पताल से चर्म रोग, एलर्जी, शुगर, ब्लड प्रेशर आदि की दवाएं नहीं मिल रही हैं। शनिवार को तो हड्डी रोग विशेषज्ञ डाक्टर अपने कक्ष में नहीं बैठे। सुबह से पर्ची कटवा कर कई मरीज सुबह से दोपहर तक डाक्टर की प्रतीक्षा करते रहे। मरीज कमलेश ने बताया कि अस्पताल में हड्डी रोग के चार चिकित्सक हैं लेकिन शनिवार को एक भी चिकित्सक अपने कक्ष में नहीं बैठा मिला। मरीज दोपहर एक बजे तक डाक्टरों का इंतजार करते रहे फिर भी वे नहीं आए। इससे अधिकांश मरीज निजी चिकित्सालय में अपना इलाज कराने चले गए। चिकित्सकों की इस लापरवाही को लेकर मरीजों ने कड़ी नाराजगी जताई।
सीएमएस डा. केएन पांडेय ने बताया कि दवाओं का आर्डर कंपनी को दिया गया है। जल्द ही दवाएं आ जाएंगी। रही बात डाक्टर की अनुपस्थिति की तो हड्डी के डाक्टर अवकाश पर हैं जिससे मरीजों को दिक्कत हुई। सोमवार से दिक्कत नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें