जांच में दोषी पाने पर परियोजना अधिकारी को आदेश दिया गया कि विपक्षियों को पांच दिन में अपना पक्ष रखने का निर्देश दें। पक्ष न रखने पर नौ आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाए। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। धन की भी रिकवरी नहीं की गई। इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिले के अधिकारियों को कई बार आवेदन करने के बावजूद भी कोई राहत नहीं मिली।
इस पर नंद मोहन मिश्र ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले में न्यायालय के आदेश पर विंध्याचल पुलिस ने डूडा की परियोजना अधिकारी प्रतिभा श्रीवास्तव, वरिष्ठ लिपिक प्रभाकर पांडेय, रामा, राजेंद्र, सावित्री देवी, शांति देवी, विजय कुमार, मालती देवी, इंद्रावती देवी, पारसनाथ, रन्नो देवी व अन्य अज्ञात पर धोखाधड़ी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस मामले को दर्ज कर विवेचना कर रही है।