राजकीय इंटर कॉलेज में रासायन प्रयोगशाला में प्रयोग करते बच्चें, स्रोत संवाद
मिर्जापुर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं की तिथि घोषित हो गई है। प्रायोगिक परीक्षाओं की तिथि दिसंबर के अंत या जनवरी 2026 में संभावित हैं। विद्यालयों में तैयारियां तेज हो गई हैं। राजकीय इंटर कॉलेज व अनुदानित विद्यालयों में विज्ञान शिक्षकों की कमी से समस्या हो रही है। प्रायोगिक परीक्षाओं का संचालन किस प्रकार होगा। यह एक यक्ष प्रश्न है। विज्ञान शिक्षकों की तो यह स्थिति है कि कहीं एक तो कही दो शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है। जिले में राजकीय, अनुदानित व वित्तविहीन मिलाकर 313 विद्यालय संचालित हैं। राजकीय इंटर कालेज में तो विज्ञान शिक्षकों की कमी है। अनुदानित विद्यालयों की भी कमोवेश यही स्थिति है। इंटरमीडिएट में यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए इस बार 34195 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से 8000 विद्यार्थी विज्ञान के हैं जो राजकीय व अनुदानित विद्यालयों में पंजीकृत हैं लेकिन इनकी ही अधिक समस्या है। इनमें नियमित, संविदा या अंशकालिक मिलाकर 102 विज्ञान शिक्षक हैं।
पीटीए से संविदा पर अंशकालिक शिक्षक रखकर चलाया जा रहा है काम
महुवरिया स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में जो कि विज्ञान शिक्षा का मुख्य केंद्र है, विज्ञान के 212 विद्यार्थी पंजीकृत हैं लेकिन यहां पर नियमित रूप से रसायन व भौतिक विज्ञान का कोई शिक्षक नहीं है। जबकि प्रत्येक विषय के तीन-तीन प्रवक्ता के पद सृजित हैं। जीव विज्ञान में एक नियमित शिक्षक हैं। रसायन, भौतिक व गणित विषय के लिए पीटीए (पैरेंट्स टीचर एसोसिएशन) से संविदा पर अंशकालिक शिक्षक रखकर काम चलाया जा रहा है। विद्यार्थियों को प्रायोगिक कार्य में परेशानी होती है। कछवां में राजकीय इंटर कॉलेज में भी विज्ञान शिक्षक की कमी है। जिला विद्यालय निरीक्षक माया राम ने बताया कि राजकीय विद्यालयों में विज्ञान शिक्षकों की कमी है। पीटीए से शिक्षकों की व्यवस्था कर काम चलाया जा रहा है लेकिन प्रायोगिक परीक्षा व बोर्ड की परीक्षा में कोई समस्या नहीं होगी। शिक्षकों की रिक्तियों की सूचना शासन को भेजी गई है।
आर्य कन्या में भौतिकी का कोई प्रवक्ता नहीं
मिर्जापुर। अनुदानित विद्यालय आर्यकन्या पाठशाला इंटरमीडिएट कॉलेज में विज्ञान की 112 छात्राएं हैं। रसायन व जीव विज्ञान के शिक्षक तो हैं लेकिन भौतिक शास्त्र का कोई भी प्रवक्ता नहीं है। इसी प्रकार कई अन्य अनुदानित विद्यालयों की स्थिति है।