मिर्जापुर। मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती शुल्क लगाने और प्राइवेट वार्डों में कूलर और हीटर का शुल्क बढ़ाने पर विवाद खड़ा हो गया है। यह स्थिति तब है जबकि कोई नया शासनादेश नहीं जारी हुआ है। समाजवादी पार्टी ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है जबकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पिछली सरकार में मौखिक आदेश के चलते शुल्क नहीं लिया जा रहा था। सरकार जाने के बाद अब शुल्क लिया जाने लगा है।
पूर्व सरकार द्वारा भर्ती शुल्क से लेकर जांच अल्ट्रासाउंड व एक्सरे समेत अन्य जांच पर लगने वाले शुल्क को माफ करने का ऐलान किया था। इन मदों में पैसा वसूल नहीं किया जा रहा था। सरकार के जाते ही मंडलीय चिकित्सालय में मरीजों से 34 रुपये भर्ती शुल्क वसूल किया जाने लगा है। प्राइवेट वार्ड में कूलर के नाम पर सौ की जगह 167 रुपये और ठंड के मौसम में हीटर इस्तेमाल करने पर उनसे 28 रुपये प्रतिदिन वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। इस बात से बखेड़ा खड़ा हो गया है। इससे मरीजों में नाराजगी है। सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने तो कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अस्पताल प्रबंधन मनमाने तरीके से वसूली कर रहा है। रविवार को समीक्षा बैठक में शामिल होने आए जिले के प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल के सामने भी इस मुद्दे को उठाया गया था। बाद में उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने ऐसा कोई आदेेश जारी नहीं किया है। इसके बावजूद शुल्क वसूली बंद नहीं हुई। इससे अस्पताल में डाक्टरों व मरीजों में कहासुनी भी हुई। मरीजों का कहना है कि प्रदेश के किसी सरकारी चिकित्सालय में भर्ती शुल्क नहीं लिया जा रहा है तो यहां क्यों वसूली हो रही है। अस्पताल प्रशासन मनमाना रवैया क्यों अपना रहा है। अस्पताल प्रशासन के इस नए फरमान से लोगों में आक्रोश है। मरीजों ने योगी सरकार से तत्काल इस मामले पर दखल देकर भर्ती शुल्क माफ किए जाने की मांग की।