उसने बताया की वह गैैपुरा एक बाबा के पास मिलने गई थी। वहां से लौटते समय अमरावती चौराहे पर घर आने के लिए ऑटो का इंतजार कर रही थी, इसी दौरान उसे एक बच्चा पड़ा मिला, जिसे वह लेकर घर चली आई। पुलिस बच्चे को उसके परिजनों को सौंप कर घटना की छानबीन में जुटी है।
बच्चा सौंपने वाली महिला और सीसीटीवी फुुुटेज में बच्चा ले जाती महिला अलग-अलग है। पुलिस दोनों के बीच की कड़ी को तलाश रही है। बच्चा लाने वाली महिला की भूमिका पर पुलिस को शक इसलिए हो रहा है कि बृहस्पतिवार की शाम उसे बच्चा मिल गया तो उसने किसी को बताया क्यों नहीं। उसके बताए स्थान की पड़ताल करने पर वहां कुछ नहीं मिला।
एएसपी सिटी संजय वर्मा ने कहा कि मंडलीय अस्पताल परिसर से एक बच्चा लापता हो गया था। मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी से छानबीन की गई। इसके बाद शहर कोतवाली पुलिस के साथ स्वाट और एसओजी टीम को लगाया गया। जांच की जा रही है कि आखिर महिला को बच्चा कैसे मिला। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बच्चे की बरामदगी के लिए एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा ने तीन टीमें शहर कोतवाली के अलावा, एसओजी व स्वाट टीम लगाईं थी। तीनों टीमों ने रात भर विंध्याचल पहाड़, काली खोह, बथुआ, भरुहना, बरकछा, जसोवर पहाड़ी आदि स्थानों पर खोजबीन की। माना जा रहा है कि अखबार में खबर प्रकाशित होने और पुलिस की कार्रवाई का असर रहा कि बच्चा मिल गया। फिलहाल बच्चे को कौन चोरी कर ले गया। इसका पता नहीं चल सका है। पुलिस छानबीन में जुटी है।
विंध्याचल क्षेत्र में बच्चे के मिलने को लेकर तरह-तरह की चर्चा है। कहा जा रहा है कि कहीं बलि आदि के लिए तो बच्चे की चोरी नहीं की गई थी। बच्चा लाने वाली महिला का कहना था कि वह गैपुरा की ओर एक बाबा से मिलने गई थी। घर लौटते समय अमरावती के पास बच्चा मिला है। फिलहाल पुलिस बच्चे को लाने वाली महिला की भूमिका को लेकर जांच कर रही है। हालांकि जिस महिला ने अस्पताल से बच्चे को उठाया वह अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर है।