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1.13 लाख किसानों ने नहीं कराई ई-केवाईसी

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तमाम प्रयास के बावजूद अभी तक जिले के करीब 1.13 लाख किसानों ने अपनी ई-केवाईसी नहीं कराई है। इन किसानों ने 31 जुलाई तक ई-केवाईसी नहीं कराई तो उनका प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि रुक सकती है।
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जिले में कुल तीन लाख 49 हजार 010 किसानों की ई-केवाईसी कराई जानी थी। पिछले माह गांवों में शिविर लगाकर किसानों की ई-केवाईसी कराई गई थी। परंतु समुचित प्रचार-प्रसार के अभाव में अब भी करीब 1.13 लाख किसान ई - केवाईसी नहीं करा सके हैं। किसानों का कहना है कि मात्र एक दिन कोरम पूरा करने के लिए पंचायत भवन में कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के अलावा संबंधित ग्राम पंचायत सचिव शिविर में नजर आए। इस मामले में ग्राम पंचायतों में कोई प्रचार-प्रसार ही नहीं कराया गया। कब कौन गांव में आया और चला गया, कई ग्रामीणों को इसकी भी जानकारी नहीं है। संबंधित ग्राम प्रधानों द्वारा अपने परिचितों तक बात पहुंचाकर मामले की इतिश्री कर दी जा रही है। कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो मड़िहान में 23433 किसानों में से 8532, राजगढ़ में 35526 किसानों में से 12479, छानबे में 46417 किसानों में से 16263, हलिया में 33981 किसानों में से 11578 ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। इसी तरह से नरायनपुर में 37351 किसानों में से 12548, लालगंज में 22227 किसानों में से 7416, सीखड़ में 14675 किसानों में से 4824, सीटी में 36999 किसानों में से 11541, जमालपुर में 38657 किसानों में से 11908 किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। इनके अलावा कोन में 16265 किसानों में से 4936, मझवां में 19941 किसानों में से 5482 व पहाड़ी में 23538 किसानों में से 6313 किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है।
उप निदेशक कृषि अशोक उपाध्याय का कहना है कि सभी ग्राम पंचायतों में ई-केवाईसी के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। ई-केवाईसी के लिए अंतिम समय सीमा 31 जुलाई निर्धारित की गई है। निर्धारित तिथि तक ई-केवाईसी नहीं कराई गई तो संबंधित किसान की पीएम किसान सम्मान निधि की 12वीं किस्त स्वत: रुक जाएगी।
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