उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अभी भले ही मेट्रो परियोजना शुरुआती दौर में हो, मगर लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) भविष्य में पूरे प्रदेश में प्रत्येक शहर (एनसीआर छोड़ कर) की मेट्रो व्यवस्था को देखेगा। इसका गठन कुछ इस तरह से किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भी इस बात की घोषणा कर चुके हैं कि, आने वाले समय में प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में भी मेट्रो रेल नेटवर्क बनाया जाएगा।
स्पेशल पर्पज व्हीकल(एसपीवी) लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) के लिए 204 नियमों का एक संविधान बनाया गया है। जिसको द् कंपनी एक्ट 1956 के तहत पंजीकृत करवाया जाएगा।
संविधान के मुताबिक एलएमआरसी न केवल लखनऊ बल्कि उत्तर प्रदेश भर के लिए रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम का निर्माण और संचालन करने वाली एक एजेंसी होगी। इसमें एक चेयरमैन होगा निदेशकों का एक मंडल भी होगा।
इनमें प्रमुख सचिव आवास, प्रमुख सचिव वित्त, सचिव आवास और एलडीए उपाध्यक्ष होंगे। यह स्थाई निदेशक होंगे। जबकि इनके अतिरिक्त 10 अन्य निदेशक भी बोर्ड में शामिल किए जाएंगे।
एक वार्षिक आम सभा के अलावा समय समय पर बोर्ड मीटिंग होंगी। इस स्पेशल पर्पज व्हीकल के संविधान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में जहां कहीं भी मेट्रो रेल का निर्माण किया जाएगा, वहां एलएमआरसी ही एसपवी होगी।
अन्य शहरों में फिर कम लगेगा समय
प्रदेश के एक एसपीवी के गठन के बाद अन्य शहरों के लिए कोई भी एसपीवी बनाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। इसका सीधा अर्थ है कि, एसपीवी के गठन की सारी औपचारिकताएं खत्म हो जाएंगी। डीपीआर बनवाने के लिए डीएमआरसी की ओर प्रदेश सरकार को नहीं देखना होगा। यह सारा काम न केवल एलएमआरसी करेगा, बल्कि भविष्य में संचालन भी एलएमआरसी ही करेगा।
मुख्यमंत्री की घोषणा से बनी उम्मीद
बीते रोज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की घोषणा से प्रदेश में लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा के बाद कई अन्य बड़े शहरों में भी मेट्रो रेल संचालन की उम्मीद बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, राजधानी के बाद हमारे दिमाग में कई अन्य शहरों को लेकर भी योजना चल रही है।