जुबेर हत्याकांड : पुलिस फेल, अब पब्लिक से उम्मीद
मेरठ। 27 दिन बीतने के बावजूद भी पार्षद जुबेर हत्याकांड का खुलासा करने में पुलिस फेल है। अब पुलिस को पब्लिक से उम्मीद कि शूटरों का नाम पता वह बता देंगे। जिस पर उन्होंने 25 हजार रुपये का इनाम भी देने की बात कहीं है।
शास्त्री नगर स्थित संतोष हॉस्पिटल के पास 28 अगस्त को बदमाशों ने गोलियां बरसाकर पार्षद जुबेर अंसारी की हत्या की थी। जुबेर प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम करते थे, जिसके विवाद में हत्या होना पुलिस जांच में सामने आया। पुलिस का दावा है कि देहरादून वाली जमीन पर कब्जा करने के लिये भाड़े के शूटरों द्वारा पार्षद जुबेर की हत्या हुई है। सुपारी देने वाले लोगों की जानकारी भी पुलिस को है, लेकिन हत्या करने वाले दोनों शूटर कौन थे। इसका पता लगाने में पुलिस फेल साबित हो गई।
तमाम प्रयास के बाद अब पुलिस ने हत्या करके बाइक पर भागते दोनों बदमाशों की पहचान के लिये पब्लिक से सहयोग मांगा। पुलिस ने कहा कि शूटरों के नाम पते बताने वाले लोगों के नाम पुलिस गोपनीय रखेगी और उनको 25 हजार का इनाम भी देगी। दोनों शूटर सीसीटीवी कैमरे में कैद है, उन्हीं के माध्यम से पहचान करने की बात कहीं। हालांकि, पुलिस ने अभी इस फुटेज को सार्वजनिक नहीं किया है। पुलिस ने एसएसपी का सीयूजी नंबर 9454400297, एसपी सिटी 9454401099, सीओ सिविल लाइन 9454401582 और थाना प्रभारी 9454403988 के नंबर जारी किए हैं।
जब्बार और फतेहयाब पर शक गहराया
अब तक की पुलिस जांच में जब्बार और फतेहयाब पर शक गहराया है। पुलिस ने बताया कि जुबेर का जमीन को लेकर अब्दुल्लापुर, बजोट परतापुर और देहरादून का विवाद था। इसमें देहरादून वाली जमीन को लेकर हत्या होने का शक है। फतेहयाब के बेटे सालिम ने एसओजी और पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर खुदकुशी कर ली। इसके बाद से पुलिस बैकपुट पर आ गई। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना कि हत्या से दो दिन पहले ही जुबेर ने जब्बार समेत कई लोगों से जान का खतरा बताकर एसएसपी ऑफिस में शिकायती पत्र दिया था। पुलिस ने इस बिंदु को महत्वपूर्ण माना है। जिसके चलते जब्बार और फतेहयाब की अभी पुलिस जांच कर रही है।