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जयपुर के बाद पश्चिमी यूपी में मंडराया जीका वायरस का खतरा, ऐसे करें बचाव

Fri, 12 Oct 2018 01:15 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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फाइल फोटो
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यूपी के मेरठ जिले में डेंगू और स्वाइन फ्लू के बाद अब जीका वायरस का खतरा मंडराने लगा है। जयपुर में जीका संक्रमण के 29 मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। यह बीमारी जीका वायरस से संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से पनपती है। इसी मच्छर के काटने से डेंगू और चिकनगुनिया होता है। 

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गर्भ ठहरने के दो तीन महीने में महिला इससे संक्रमित होती है तो उसके गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क का विकास प्रभावित होता है। इससे प्रभावित बच्चे का जन्म आकार में छोटे और अविकसित दिमाग के साथ हो सकते हैं। यह शरीर के तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है और लोग लकवा का शिकार हो सकते हैं। जीका वायरस वाला मच्छर सुबह, शाम ज्यादा सक्रिय होता है।  

मरीज की होगी जांच
कार्यवाहक सीएमओ डॉ. एसके शर्मा ने बताया कि डॉ. रचना टंडन के नेतृत्व में टीम का गठन किया है, जो किसी भी संदिग्ध मरीज के नमूने लेकर उसकी जांच कराएंगी। 
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जांच की व्यवस्था 
मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि डेंगू और चिकनगुनिया के साथ-साथ माइक्रोबायोलॉजी लैब में जीका संक्रमण के मरीजों की जांच की व्यवस्था है। अगर इस तरह के किसी मरीज की जांच की जरूरत होगी तो जांच की जा सकती है।

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मरीज में लक्षण
बुखार, जोड़ो का दर्द, शरीर पर लाल चकत्ते, थकान, सिर दर्द, आंखों का लाल होना आदि।

बचाव के लिए यह करें
एडीज मच्छरों की वजह से जीका वायरस का संक्रमण बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जीका वायरस के संक्रमण को रोकने का सबसे अच्छा उपाय मच्छरों की रोकथाम है। पूरे शरीर को ढककर रखें। घर के आसपास गमले, बाल्टी, कूलर आदि में भरा पानी निकाल दें। बुखार गले में खराश, जोड़ों में दर्द, आंखें लाल होने जैसे लक्षण नजर आने पर तरल पदार्थों का सेवन करें।

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