नंगलाताशी के युवक की अपहरण कर ट्रैैक्टर लूटने के बाद हत्या कर दी गई। सोमवार को युवक का शव बुबकपुर के जंगल में मिला तो ग्रामीणों ने मेरठ-करनाल हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। करीब ढाई घंटे बाद अफसरों द्वारा आर्थिक सहायता दिलाने के आश्वासन पर जाम खोला गया।
नंगलाताशी, कंकरखेड़ा निवासी नौशाद (23) पुत्र मौ. हफीज छह बहनों में सबसे छोटा व इकलौता था। नौशाद बीए की पढ़ाई के साथ रेत क ी ट्रैक्टर ट्राली पर मजदूरी करता था। रविवार को दो हजार रुपये में रेत से भरी ट्रैक्टर ट्राली किराये पर लेकर वह बुबकपुर की तरफ डालने के लिये गया था। लेकिन दोपहर तक भी लौटा नहीं था। परिजनों की तलाश में जेपी विद्यापीठ स्कूल के पास रेत से भरी ट्राली तो मिल गई। लेकिन ट्रैक्टर और नौशाद का पता नहीं चल सका। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी।
सोमवार सुबह बुबकपुर निवासी विक्रम के ईख के खेत में नौशाद का शव मिलने की सूचना पर परिजन और पुलिस अफसर भी पहुंच गए। इस दौरान नंगलाताशी के सैकड़ों ग्रामीणों ने मेरठ- करनाल हाईवे पर नौशाद का शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की तो भीड़ ने वाहनों में तोड़फोड़ की कोशिश करते हुए पुलिस से धक्कामुक्की कर दी। सीओ सरधना ब्रजेश कुमार और एसडीएम सरधना कुमार भूपेंद्र ने सरधना, जानी, सरूरपुर, रोहटा और दौराला थाने की भी पुलिस बुला ली।
करीब ढाई घंटे बाद एसडीएम और सीओ ने मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद कराने व अपहरण के आरोपी पवन पुत्र सोमपाल निवासी दबथुवा व अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन दिया। जिसके बाद जाम खोला गया।
रस्सी से घोंटा गला:
पुलिस ने बताया कि नौशाद की हत्या रस्सी से गला घोंटकर की गई। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के चलते पुलिस अफसरों के भी पसीने छूट गये। बाद में रालोद नेता सुनील रोहटा व नरेश नंगला मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों व ग्रामीणों से वार्ता की। इस दौरान पुलिस ने कंकरखेडा व नानू गंगनहर पुल से वाहनों को डायवर्ट कर दिया था।