नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में 20 दिसंबर को उपद्रव के दौरान एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह द्वारा की गई विवादित टिप्पणी का मामला मंगलवार को कोर्ट में पहुंच गया। जैदी फार्म नौचंदी निवासी यूसुफ सैफी पुत्र इदरीश अहमद ने न्यायालय स्पेशल सीजेएम की अदालत में परिवाद दायर किया है, जिसमें 28 जनवरी 2020 को सुनवाई की तारीख नियत हुई है।
न्यायालय स्पेशल सीजेएम की अदालत में यूनुस सैफी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय चाड़ ने एक अभियोग प्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 166, 298, 504, 506 आईपीसी के तहत दिया। जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता अजय चाड़ द्वारा उल्लेखित किया गया कि 20 दिसंबर 2019 को लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र में मुस्लिम समाज के लोग हाथों में काली पट्टी बांधकर सीएए व एनआरसी के खिलाफ विरोध कर रहे थे।
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आरोप है कि एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने वहां सार्वजनिक स्थान पर विरोध करने वाले मुस्लिम समाज के व्यक्तियों से कहा है कि वह पाकिस्तान चले जाएं, खाओगे यहां का, गाओगे वहां का, मुझे तुम्हें काला करने में सेकेंड लगेगा। मैंने फोटो भी ले ली है। तुम लोग बड़ी कीमत चुकाओगे, मुझे यह गली याद हो गयी है। वरिष्ठ अधिवक्ता अजय चाड़ ने बताया कि प्रार्थनापत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करते हुए न्यायालय ने शिकायतकर्ता के धारा 200 सीआरपीसी के बयान दर्ज कराने के लिए 28 जनवरी की तिथि नियत की है।
अधिवक्ता का धरना समाप्त कराया
बहुजन जनशक्ति पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और अधिवक्ता रेनू सिंह राणा की भूख हड़ताल को प्रशासन ने मंगलवार को खत्म करा दिया। वे विवादित बयान पर एसपी सिटी पर कार्रवाई की मांग को लेकर चार दिनों से कलक्ट्रेट पर भूख हड़ताल पर बैठीं थीं। ऑल इंडिया लायर्स यूनियन के अध्यक्ष अब्दुल जब्बार खान व सचिव राजकुमार गुर्जर ने सुबह धरनास्थल पर पहुंचकर उन्हें समर्थन दिया था। देर शाम एसीएम सिविल लाइन चंद्रेश सिंह और इंस्पेक्टर सिविल लाइन कलक्ट्रेट पहुंचे। एसीएम ने भूख हड़ताल पर बैठी अधिवक्ता का ज्ञापन लिया।
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