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Meerut News: क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर युवक से 13.91 लाख रुपये ठगे

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आरोपियों ने पहले दस हजार रुपये का लाभ देकर 30 फीसदी कमीशन लिया
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बाद में 70 हजार रुपये लाभ दर्शाकर कमीशन मांगकर कई बार में ठगे रुपये
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। ब्रह्मपुरी निवासी सचिन सिंघल से साइबर ठगों ने क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 13.91 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने पहले दस हजार रुपये का लाभ देकर सचिन को विश्वास में लिया। इसके बाद 70 हजार अमेरिकी डॉलर का लाभ दर्शाकर कमीशन के नाम पर कई बार में ठगी की। साइबर थाना पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 318 (4) और आईटी एक्ट की धारा 66 डी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।

ब्रह्मपुरी निवासी सचिन सिंघल ने साइबर थाना पुलिस को बताया कि 10 जून 2025 को एक अज्ञात नंबर से उनके पास मेसेज आया। इसमें क्रिप्टो ट्रेडिंग करने पर मोटे मुनाफे की बात लिखी थी। सचिन ने आरोपियों की बातों में आकर क्रिप्टो ट्रेडिंग शुरू कर दी। शुरुआत में सचिन को दस हजार रुपये का लाभ दिया गया। आरोपियों के बताए गए क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफार्म के वॉलेट में दस हजार रुपये दर्शाने पर उससे इसके बदले 30 प्रतिशत कमीशन मांगा गया। सचिन ने आरोपियों के बताए बैंक खाते में तीन हजार रुपये कमीशन की राशि हस्तांतरित कर दी। इसके बाद सचिन के वॉलेट में पांच दिनों में लगभग 70 हजार अमेरिकी डॉलर का लाभ दर्शाया गया। इसके बदले आरोपियों ने तीस प्रतिशत कमीशन अपने बैंक खाते में जमा करने के लिए कहा। 70 हजार अमेरिकी डॉलर (65 लाख रुपये से अधिक) का लाभ वॉलेट में देखकर सचिन सिंघल ने 27 जून 2025 से 6 अक्टूबर 2025 के बीच अपने भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक खातों से कमीशन की एवज में कई बार में 13.91 लाख रुपये आरोपियों के खाते में हस्तांतरित कर दिए। सचिन ने वॉलेट से रुपये अपने खाते में हस्तांतरित करने का प्रयास किया तो वह नहीं हुए। तब जाकर सचिन को ठगी की जानकारी हुई। साइबर थाना प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि इस मामले में उन्हें देरी से शिकायत मिली थी। शिकायत मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। एसपी क्राइम अवनीश कुमार का कहना है कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की पहचान कर खुलासा किया जाएगा।
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साइबर ठगों से ऐसे बचें
- अनजान नंबर से आने वाली कॉल और मेसेज पर विश्वास न करें। मुनाफे का लालच देने वाले संदेशों और कॉल की जांच करें।
- अनजान स्रोतों से किसी भी रिमोट एक्सेस ऐप (जैसे एनीडेस्क, टीमव्यूअर) को डाउनलोड और इंस्टॉल करने से बचें। ये ऐप्स ठगों को आपके डिवाइस का नियंत्रण दे सकते हैं।
- सभी ऑनलाइन खातों के लिए अलग-अलग और मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें। पासवर्ड में अक्षर (बड़े और छोटे), संख्याएं और विशेष वर्णों का मिश्रण होना चाहिए।
- रेलवे स्टेशन, कैफे या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध वाई-फाई का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतें।
- अपने स्मार्टफोन, कंप्यूटर और अन्य उपकरणों के ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) और सभी एप्लिकेशन को हमेशा नवीनतम सुरक्षा पैच के साथ अपडेट रखें।
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