आरोप है कि उसका भाई देव कुमार मुजफ्फरनगर रहकर किराए पर टैक्सी चलाने का काम करता था। वहां दोस्त की पत्नी से उसका प्रेम प्रसंग हो गया। उसके बाद प्रेमिका समेत नामजद आरोपियों ने उसे कई तरह से ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। मुजफ्फरनगर और गांव का मकान का बैनामा प्रेमिका के नाम करने का दबाव बनाया जा रहा था। यह बात देव कुमार ने घटना को अंजाम देने से पहले अपनी मां मेवा देवी और वादी को बताई थी, जिससे वह मानसिक रूप से काफी तनाव में था, जिससे तंग आकर उसे आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा। एसओ ने बताया कि मौके से मिले सुसाइड नोट से मृतक के प्रेम प्रसंग का खुलासा हुआ है। नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
सदमे में उजड़ गया परिवार
देवकुमार पिछले पांच साल से मुजफ्फरनगर फ्लोरेंस हाईस्कूल के निकट पत्नी सोनिया और दो बेटियों के साथ रहता था। वहीं टेंपू चलाने वाले दोस्त की पत्नी के प्रेम जाल में फंस गया। उसने और उसके परिवार वालों ने मकान नाम करने को कहा, तो वह सदमे आ गया। उनसे तंग आकर उसने मौत के लिए गांव का पैतृक घर चुना। दरअसल गांव में उनका घर पूरी तरह खाली पड़ा है। परिवार में अधिकांश सदस्य सेना में हैं। छोटा भाई भी उसके साथ रहता था। मृतक के पिता मदनपाल की वर्ष 2004 में अरुणाचल प्रदेश में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वह सेना में थे। इसके अलावा चाचा महिपाल, ताऊ के लड़के देव समेत पांच लोग सेना में है। एक ताऊ का लड़का देव कुमार यूपी पुलिस में है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/