उन्होंने बताया कि उन्होंने मन लगाकर पढ़ाई की और उनकी परीक्षा भी अच्छी गई। इसके बाद भी उन्हें फेल कर दिया गया। जब उनके अभिभावकों को यह जानकारी हुई तो उन्होंने आगे की पढ़ाई कराने से इनकार कर दिया। बताया कि अधिकांश छात्राएं दूसरे राज्यों की हैं और कॉलेज के हॉस्टल में रहकर ही पढ़ाई करती हैं। इसको लेकर वह प्रधानाचार्य मुकेश कुमार व एचओडी अरुण कुमार गौतम से भी मिलीं।
बताया कि उन्होंने 500 रुपये जमा कराकर दोबारा परीक्षा कॉपी जांच कराने की बात कहीं, साथ ही कहा कि वह इस मामले में कुछ नहीं कर सकते हैं, जिसको पढ़ना है पढ़ो, जिसे घर जाना है चले जाओ। आरोप लगाया कि एचओडी ने कहा कि जो लड़की सुंदर नहीं है, बीए, बीएससी कर लो, जो सुंदर है वह यहीं रहकर पढ़ाई करो।
फेल होने पर जब छात्राओं ने कहा कि क्या वे आत्महत्या कर लें तो उनसे कहा गया कि कर लो आत्महत्या। छात्राओं ने इसे लेकर शनिवार को जमकर हंगामा किया और जेडी मौ. शाबिर को प्रार्थना पत्र देकर निशुल्क कॉपी जांच कराए जाने की मांग की।
परीक्षा परिणाम प्रदेश स्तर पर जारी किया जाता है। इस परीक्षा परिणाम का प्रतिशत कम रहा है। जिसे संदेश है वह फीस जमा कराकर अपनी परीक्षा कॉपी जांच करा सकता है। -मौ. शाबिर, जेडी, चौधरी मुख्तार सिंह राजकीय महिला पॉलोटेक्निक कॉलेज
आरोप लगाए जाने की जानकारी मिलने पर छात्राओं को बुलाया गया था। दोबारा परीक्षा कॉपी जांच को लेकर छात्राओं से फीस जमा करने के लिए बोला गया है। -मुकेश कुमार, प्रधानाचार्य, चौधरी मुख्तार सिंह राजकीय महिला पॉलोटेक्निक कॉलेज
छात्राओं को सही तरीके से पढ़ाया जाता है, जो परीक्षा में लिखा होगा उसके हिसाब से अंक दिए गए होंगे। लगाए गए आरोप गलत है। -अरुण कुमार गौतम, एचओडी, चौधरी मुख्तार सिंह राजकीय महिला पॉलोटेक्निक कॉलेज