मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ योगी की सख्ती के बाद बूचड़खाने बंद होने से पैठ से पशु भी गायब हो गए हैं। मेरठ रोड पर लगने वाली पशु पैठ में बेहद ही कम पशु पहुंचे। पशु व्यापारियों का कहना है कि सड़क से पशुओं को नहीं आने दिया जा रहा है।
सीएम के आदेश पर प्रदेश में अवैध रूप से चल रहे बूचड़खाने बंद कराए जा रहे हैं। जनपद के अफसरों ने छापामारी की थी। पुराना कस्बा, राष्ट्रवंदना चौक, गौरीपुर मोड़ पर चल रही मीट की दुकान बंद कराई थी। इसी तरह बड़ौत, खेकड़ा और अन्य स्थानों पर कार्रवाई की गई थी। इसका असर पशु पैठ पर देखने को लगा। शनिवार को शहर के मेरठ रोड पर लगने वाले पैठ में बहुत कम संख्या में पशु पहुंचे। जबकि, यहां पर 500-600 की संख्या में दूर-दराज से पशु पहुंचते थे। पशु व्यापारी इससे परेशान नजर आ रहे हैं।
नईम कुरैशी, जाहिद और जमील का कहना है कि ट्रकों में पशुओं को लेकर आने वालों के साथ मारपीट की जा रही है। इसके कारण पैठ में पशु नहीं आ पा रहे है। इससे उनका कारोबार चौपट हो गया है। पैठ ठेकेदार फैसल का कहना है कि पशुओं का व्यापार मात्र दो फीसदी ही रह गया है। इससे पशु व्यापारी टेंशन में है।