याकूब कुरैशी पर शिकंजा कसने की पहल पुलिस पहले ही कर चुकी थी। अब याकूब की मुसीबतें कम न होकर बस बढ़ती ही जा रही हैं। वहीं जांच रिपोर्ट में पशु चिकित्सक दोषी पाया गया है। अब जल्द ही डीएम इस मामले में बड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दे सकते हैं।
मेरठ में पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की हापुड़ रोड स्थित फैक्टरी में अवैध मीट पैकिंग मामले में पशुपालन विभाग की तीन सदस्यीय कमेटी द्वारा दी गई रिपोर्ट में उप पशु चिकित्साधिकारी को दोषी ठहराया गया है। जिलाधिकारी ने जल्द ही जांच रिपोर्ट अनुसार कार्रवाई करने की बात कही है।
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एमडीए ने 2019 में अनियमितता के चलते हाजी याकूब कुरैशी की फैक्टरी पर सीलबंदी की कार्रवाई की थी। याकूब ने फैक्टरी से मीट निकालने के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली थी, जिस पर कोर्ट ने उन्हें 60 से 90 दिन के अंदर फैक्टरी के अंदर रखे मीट को निकालने की अनुमति दी थी। इस दौरान एमडीए ने फैक्टरी की सील खोली और मीट निकाला गया या नहीं इसकी जानकारी पशु चिकित्सक ने उच्चाधिकारियों को नहीं दी थी।
इसकी जांच करने के लिए रोग नियंत्रक एवं प्रक्षेत्र निदेशक डॉ जीवन दत्त ने 7 अप्रैल को तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। कमेटी को तीन दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट निदेेशक और जिलाधिकारी को देनी थी। समिति ने दस अप्रैल को अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी थी।
जिलाधिकारी के. बालाजी ने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा की गई मामले की जांच रिपोर्ट मिल गई है। रिपोर्ट में उप पशु चिकित्साधिकारी को दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट के अनुसार जल्द ही दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी तमाम पहलुओं की भी जांच कराई जा रही है।