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Meerut News: फर्जी इंवेट कंपनी बनाकर लिख दी दो अभिनेताओं के अपहरण की पटकथा

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मेरठ। बदमाशों ने फर्जी इवेंट कंपनी बनाकर अभिनेता सुनील पाल और मुश्ताक मोहम्मद के अपहरण की हैरतअंगेज पटकथा लिखी थी। आरोपियों ने अभिनेताओं को विश्वास में लेने के लिए इंवेंट कंपनी के लेटर पैड भी छपवाये थे। आरोपियों ने वारदात का ऐसा जाल बुना कि दोनों अभिनेता मुंबई से आकर उनके जाल में फंस गए। लेकिन मीडिया में मामला आने के बाद पुलिस ने ऐसा जाल बिछाया कि आरोपी उसमें फंस गए। आरोपियों को गिरफ्तार कर की गई पूछताछ में छह अन्य आरोपियों के शामिल होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। बदमाशों ने दोनों अभिनेताओं के अपहरण की एक जैसी साजिश रची। मुश्ताक मोहम्मद ने आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद पुलिस को शिकायत नहीं दी। आरोपियों ने इसका लाभ उठाते हुए कॉमेडियन सुनील पाल को भी जाल में फंसा लिया। आरोपियों ने दोनों को बिल्कुल एक जैसे तरीके से कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। दोनों को ऑनलाइन एडवांस दिया गया और फ्लाइट के टिकट भी बुक कराए। खास बात यह रही है कि मुंबई में मुकदमा दर्ज होने व सराफ के शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने पूरे प्रकरण में गंभीरता नहीं दिखाई। लेकिन जब मीडिया में मामला सामने आया तो पुलिस अलर्ट हो गई। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने जिले की दस टीमों को खुलासे व बदमाशों की तलाश में लगा दिया। सराफ अक्षित सिंघल के यहां से मिली सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को बदमाशाें की पहचान में काफी मदद मिली। आरोपियों की पहचान होती ही पुलिस ने उनकी घेराबंदी व गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए थे।
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बिना सुरक्षाकर्मी इंवेंट में शामिल होने की जानकारी कर फंसाया
जानकारी मिली है कि बदमाशों ने सुनील पाल और मुश्ताक मोहम्मद को किसी कार्यक्रम में बिना सुरक्षाकर्मी के शिरकत करने आते-जाते देख लिया था। इसके बाद ही आरोपियों ने अपहरण की साजिश रचनी शुरू कर दी। बदमाशों ने दोनों कलाकारों से संपर्क करने की तरीका जाने के लिए गूगल और यूट्यूब की भी मदद ली। दोनोें के सोशल मीडिया अकाउंट की भी निगरानी की। इसके बाद ही आरोपियों ने दोनों कलाकारों से संपर्क कर उन्हें कार्यक्रम के लिए आमंत्रित कर दिया।

घटना से सदमे में आए गए थे सुनील पाल
सुनील पाल ने बदमाशों के चंगुल से निकलने के बाद आपबीती सुनाई थी। बताया था कि वह घटना से सदमे में आ गए थे। गाड़ी में अपहरण करने के बाद बदमाशों ने उनकी आंखों पर काली पट्टी बांधकर सीट के पिछली सीट के नीचे डाल दिया था। किसी को दिखाई देने पर या शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी दी थी। उनका मोबाइल भी छीन लिया। करीब एक-डेढ़ घंटे गाड़ी चलने के बाद उन्हें किसी दो मंजिला घर में प्रथम तल पर ले जाया गया। यहां और भी बदमाश मौजूद थे। जहर का इंजेक्शन लगाने और लाश बोरी में डालकर नहर में फेंकने की धमकी दी। बदमाशों ने 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। उन्होंने 10 लाख रुपये का इंतजाम हो पाने की बात कहकर अपने दोस्तों को फोन किए। दोस्तों ने उनके मोबाइल पर करीब 8 लाख रुपये भेज दिए। बदमाशों ने सदर और लालकुर्ती क्षेत्र में दो दुकानों से करीब आभूषण खरीदे और ज्वैलर्स के खातों में वसूली गई फिरौती की रकम ट्रांसफर कर दी। आभूषणों का बिल भी सुनील पाल का आधार और पैन कार्ड देकर बनवाया था। इसके बाद मुंबई की फ्लाइट के लिए 20 हजार रुपये देकर मेरठ की सड़क पर सुनील पाल को छोड़ दिया था। किसी तरह वह अपने घर पहुंचे थे।
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मुश्ताक मोहम्मद खान अस्पताल में हुए थे भर्ती
मुश्ताक मोहम्मद खान से 15 अक्तूबर को मेरठ से राहुल सैनी ने से वरिष्ठ लोगों को सम्मानित करने करने के लिए आयोजित कार्यक्रम के संबंध में बात की थी। कार्यक्रम के लिए राहुल सैनी ने रकम का भुगतान किया और 20 नवंबर का मुंबई से दिल्ली के लिए एक फ्लाइट टिकट बुक कराया। 20 नवंबर को मुश्ताक खान को दिल्ली एयरपोर्ट से राहुल सैनी की बुक कराई गई स्कॉर्पियो से रिसीव किया गया। इसमें ड्राइवर के साथ एक अन्य व्यक्ति भी सवार था। हाईवे पर जैन शिकंजी के पास ड्राइवर ने स्कॉर्पियो रोक ली और मुश्ताक मोहम्मद खान को दूसरी गाड़ी में बैठा लिया। इस गाड़ी को भी स्कॉर्पियो का ड्राइवर ही चला रहा था। कुछ दूर चलने के बाद गाड़ी में दो अन्य लोग भी सवार हो गए। इसका मुश्ताक मोहम्मद खान ने विरोध किया। आरोपियों ने आतंकित करते हुए अपहरण कर लिया। मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया। उनके बेटे मोहसिन के बैंक के खाते से लगभग दो लाख रुपये पिन पूछ कर निकाल लिए। इस दौरान आरोपी शराब पार्टी करते रहे और बॉलीवुड एक्टर को प्रताड़ित भी करते रहे। मुश्ताक मोहम्मद खान को बदमाशों के चंगुल में रातभर यह आभास ही नहीं हुआ कि जंगल में हैं या आबादी में। 21 नवंबर की सुबह अजान की आवाज सुनी तो उन्हें आबादी के बीच होने का पता चला। बदमाशों के नशे में होने के बाद वह अपना सामान छोड़कर सिर्फ जूते लेकर भाग निकले और चाहशीरी की एक मस्जिद में शरण में ली। मस्जिद में मौलाना के फोन से ही उन्होंने सबसे पहली कॉल अपने बेटे को की। शिवम यादव के मुताबिक मुंबई से इतनी जल्दी बिजनौर जाना संभव नहीं था। ऐसे में गाजियाबाद और दिल्ली के परिचितों को भेजा गया। उनके पहुंचने तक मुश्ताक खान मस्जिद में ही रहे, जो उन्हें बिजनौर से लेकर आए। इसे बाद मुस्ताक काफी सदमे में आ चुके थे, खाना भी नहीं खाया। बाद में मुंबई पहुंचकर उन्हें दो दिन अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा।
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राजनीति में किस्मत आजमा चुका है लवी पाल
पुलिस ने बिजनौर की नई बस्ती निवासी लवी पाल और अर्जुन कर्णवाल को गिरफ्तार किया है। लवी पाल के साथी पूर्व सभासद का भी नाम जुड़ रहा है। मुख्य आरोपी लवी पाल उर्फ लवी चौधरी उर्फ सुशांत ब्याज पर पैसा देने का काम करता है। वह साल 2017 के निकाय चुनाव में नगर पालिका बिजनौर के वार्ड नंबर एक से सभासद का चुनाव लड़ चुका है। उस वक्त सुशांत सिंह के नाम से चुनाव लड़ा था। चार सौ वोटों से चुनाव हारा और दूसरे नंबर पर रहा था। साल 2016 में लवी पाल उर्फ सुशांत कार चोरी के केस में जेल जा चुका है।
कॉमेडियन सुनील पाल के अपहरण के मामले में पुलिस ने सौ से ज्यादा सीसीटीवी के फुटेज चेक किए। बिजनौर के कुछ लोगों की पहचान हुई है। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्द पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया जाएगा।
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डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी
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