मेरठ। नई सड़क स्थित एक होटल में ऑब्सटेट्रिक्स अंडर स्केनर थीम पर अल्ट्रासाउंड हैंड्स-ऑन सिमुलेटर वर्कशॉप हुई। मेरठ ऑब्स्टेट्रिक एवं गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी की ओर से हुई इस वर्कशॉप में 60 से अधिक स्त्री रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। गुरुग्राम से आईं फेटल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. श्रेयसी शर्मा ने अल्ट्रासाउंड तकनीक पर अपने अनुभव साझा किए। पैथोलॉजिस्ट एवं प्रीनेटल जेनेटिक्स विशेषज्ञ डॉ. कनिका यादव ने आधुनिक जानकारी दी।
पद्मश्री डॉ. उषा शर्मा आधुनिक प्रसूति चिकित्सा में अल्ट्रासाउंड की बढ़ती भूमिका और समय पर भ्रूण विकृतियों की पहचान पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया एवं पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. महेश चंद्र रहे। सचिव डॉ. प्रियंका गर्ग ने कहा कि भ्रूण विकृतियों की प्रारंभिक पहचान से सही परामर्श और समय पर निर्णय संभव होता है। इससे मातृ स्वास्थ्य और मानसिक तनाव में कमी आती है। सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. भारती माहेश्वरी व संयुक्त सचिव डॉ. ईशा खनुजा ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य उन्नत अल्ट्रासाउंड तकनीक के साथ-साथ चिकित्सकों के कौशल और ज्ञान को बढ़ाना रहा।