उधर, महिला दरोगा के भाई लोकेश निवासी गांव भराला, सेक्टर-40, नोएडा ने शाम को एसएसपी अभिषेक यादव को तहरीर देकर महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रीता रानी व एक अफसर पर बहन का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
लोकेश का कहना है कि महिला इंस्पेक्टर व अफसर द्वारा महिला दरोगा पर नियम विरुद्ध काम करने व विरोध करने पर झूठे आरोप में जेल भिजवाने की धमकियां दी जा रहीं थीं। इसके चलते सीमा यादव काफी परेशान थीं।
आरोप है कि मंगलवार को भी महिला इंस्पेक्टर व अफसर ने महिला दरोगा पर फर्जी आरोप लगाते हुए नियम विरुद्ध काम करने का दबाव बनाया गया, जिससे त्रस्त होकर महिला दरोगा ने जहर खा लिया। लोकेश ने महिला दरोगा व अफसर के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।
सवा घंटे बाद महिला दरोगा की सुध लेने पहुंचीं महिला इंस्पेक्टर
महिला थाने में तैनात एसआई सीमा यादव की हालत मंगलवार शाम करीब चार बजे बिगड़ने के बावजूद महिला थाना प्रभारी प्रीता रानी का रवैया काफी लचर रहा। हालत गंभीर होने के बावजूद महिला इंस्पेक्टर उन्हें देखने शांतिमदन हॉस्पिटल नहीं पहुंचीं। वहीं, सीओ सिटी हरीश सिंह भदौरिया द्वारा फोन पर फटकार लगाए जाने के बाद घटना के करीब सवा घंटे बाद शाम 5.22 बजे वे महिला दरोगा की सुध लेने जिला अस्पताल पहुंचीं।
प्रकरण में अफसरों की बड़ी कार्रवाई
महिला थाने में तैनात दरोगा सीमा यादव की हालत बिगड़ने के मामले में खुद को चौतरफा घिरता देख मंगलवार शाम आला अफसरों की एक हाईलेवल गोपनीय मीटिंग हुई। इसमें महिला इंस्पेक्टर प्रीता रानी की कार्यप्रणाली के साथ ही महिला थाने में तैनात स्टाफ के संबंध में भी चर्चा की गई।
इसके बाद एसएसपी अभिषेक यादव ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला स्टाफ सहित पूरा थाना लाइन हाजिर कर दिया। सूत्रों के अनुसार लाइन हाजिर होने वाले महिला थाने के पुलिसकर्मियों में एक इंस्पेक्टर समेत आठ सब इंस्पेक्टर व तीस से ज्यादा सिपाही शामिल हैं।