फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेंगू ने ली महिला की जान, कोहराम

Mon, 28 Sep 2015 01:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे डेंगू ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। क सेरू बक्सर निवासी एक महिला की रविवार सुबह निजी अस्पताल में डेंगू के चलते मौत हो गई। महिला का पति भी इस समय डेंगू की चपेट में है, जिसका इलाज चल रहा है। मौत के बाद पूरे परिवार में कोहराम मचा है। हंसते खेलते परिवार के लिए डेंगू कातिल बन गया और महिला की पांच दिन में ही जिंदगी छीन ली।
विज्ञापन


गंगानगर थाना क्षेत्र के कसेरू बक्सर निवासी आनंद कुमार प्रॉपर्टी डीलर हैं। उनकी पत्नी रेखा (32) की पांच दिन पूर्व बुखार आने पर हालत बिगड़ी थी। परिजनों ने महिला को पहले रक्षापुरम के निजी अस्पताल, फिर बाद में जसवंत राय अस्पताल में भर्ती कराया। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने गढ़ रोड स्थित एक हॉस्पिटल में महिला को भर्ती करा दिया। रविवार सुबह महिला ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि होने के बाद से परिजनों के होश उड़े हुए थे। महिला की मौत के बाद परिवार के लोगों में कोहराम मच गया।

वहीं, महिला के पति आनंद कुमार भी डेंगू के चलते एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। रविवार शाम को महिला का अंतिम संस्कार किया गया तो उनके बीमार पति को एक घंटे के लिए अस्पताल से एंबुलेंस से ले जाया गया, जहां उनकी हालत को देखते ही फिर अस्पताल में भर्ती कर दिया गया। रेखा की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। उनकी सास भी दस दिन तक डेंगू के चलते भर्ती रहीं। जिन्हें एक दिन पहले ही घर भेजा गया है। महिला के दो बेटी और एक छोटा बेटा है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन


पत्नी की मौत पर बेबस पति
मेरठ। एक परिवार में जहां डेंगू ने महिला क ी जान ले ली, वहीं उसका पति भी गंभीर हालत में भर्ती है। पत्नी के अंतिम संस्कार में अस्पताल से एंबुलेंस से पहुंचा उसका पति भी बेबस नजर आया। बीमारी के चलते आंखें सूखी हुई थी और पत्नी की मौत का गम चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था। बोलते समय आवाज लड़खड़ा रही थी। कभी वह परिवार के लोगों को तरफ देखते तो कभी छोटे बच्चों की तरफ।

नकारा हुआ स्वास्थ्य विभाग
मेरठ। शहर में डेंगू का कहर मचा है, लेकिन जिले का स्वास्थ्य विभाग हाथ पर हाथ धरकर बैठा है। हद तो यह है कि कोई एहतियाती कदम उठाने के बजाए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यही मानने को तैयार नहीं हैं कि डेंगू फैला है। डेंगू से निपटने के बजाए निजी अस्पतालों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें