मुरादनगर गंगनहर पर किए गए गणेश मूर्ति विसर्जन में श्रद्धालुओं की ऐसी भीड़ उमड़ी कि हाईवे जाम हो गया। आखिरकार पुलिस को रात में ही एनएच 58 पर रूट डायवर्जन करना पड़ा। सुपरटेक चौराहे पर भी रूट डायवर्जन होने से जाम लग गया। एकतरफ लोगों की मुश्किलें हुई तो दूसरी तरफ जाम से जूझने में देर रात तक पुलिस पसीना पसीना रही।
दिल्ली यमुना में मूर्ति विसर्जन पर पाबंदी के कारण श्रद्धालु रविवार को मुरादनगर गंगनहर में गणेश मूर्ति विसर्जन हुआ। घाट पर मूर्ति विसर्जन शुरू होते ही सुबह नौ बजे से वाहन रेंगने लगे। दोपहर 12 बजे तक हाईवे पर वाहनों के पहिये थमने शुरू हो गए। दोपहर तीन बजे के बाद वाहनों की लंबी कतारें लग गई। दोनों तरफ करीब 15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। गंगनहर कांवड़ मार्ग पर भी जाम के हालात बन गए। मोदीनगर और गाजियाबाद की ओर से जाम के दुहाई पार करने पर पुलिस प्रशासन नींद से जागा और आनन-फानन में गाजियाबाद के एसपी देहात राकेश पांडेय, सीओ सदर अनिल कुमार, तहसीलदार कमलेश कुमार और पीएसी मौके पर पहुंची।
हालात हुए खराब तो किया रूट डायवर्ट
करीब सवा सात बजे अधिकारियों के निर्देश पर रूट डायवर्जन किया गया। मोदीनगर में हापुड़ रोड से पिलखुवा, हापुड़ होते हुए गाजियाबाद एवं डासना से एक्सप्रेस-वे के जरिए यातायात को दिल्ली की ओर निकाला गया। राजनगर एक्सटेंशन के पास से रूट डायवर्ट करते हुए हापुड़ के रास्ते मेरठ की ओर वाहन निकाले गए। यहां सुपरटेक चौराहा से रूट डायवर्ट किया गया। इसके चलते यहां भी भीषण जाम लग गया जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अदूरदर्शिता ने किया हलकान
जाम का मुख्य कारण दिल्ली यमुना में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगने के कारण श्रद्धालुओं का दबाव हाईवे 58 पर बढ़ गया था। इसके चलते मुरादनगर गंगनहर पर स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा दिल्ली, लोनी, शाहदरा, मेरठ, मोदीनगर, नोएडा, फरीदाबाद, हापुड़, गुड़गांव, पिलखुवा आदि शहरों से लोग मूर्ति विसर्जन करने पहुंचे। गंगनहर पर स्थित शनि मंदिर के महंत मुकेश गोस्वामी ने बताया कि दिनभर में करीब 25 हजार श्रद्धालु गंगनहर पर पहुंचे हैं। यह मेरठ और गाजियाबाद प्रशासन की अदूरदर्शिता का ही परिणाम रहा कि इसके लिए पहले से कोई इंतजाम नहीं किए गए जिससे ऐसे हालात पैदा हो गए।