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जरायम की दुनिया में व्हाट्सएप कॉल नई चुनौती, जानिए- एक्सपर्ट का क्या कहना...

Wed, 31 Jan 2018 12:12 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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व्हाट्सएप पर धमकी भरी कॉल
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मेरठ में साइबर क्राइम में व्हाट्सएप कॉल अब पुलिस के लिए नई चुनौती बनने लगा है। व्हाट्सएप पर धमकी भरी कॉल और मैसेज पीड़ित के साथ पुलिस के लिए भी मुसीबत बन रहे हैं। अलग-अलग मामलों में साइबर सेल की टीम जांच कर रही है। एक्सपर्ट का कहना है कि व्हाट्सएप पर जो कॉल की जाती हैं उनकी रिकार्डिंग साफ्टवेयर में नहीं हैं। 

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दरअसल व्हाट्सएप पर धमकी भरे मैसेज और कॉल के कई मामले सामने आए हैं। पीड़ित लोगों की शिकायत पर आरोपी ट्रेस भी किए जा रहे हैं। लेकिन धमकी भरी कॉल का कोई सुबूत नहीं मिल पा रहा है। जिससे पीड़ित यह कह सके कि व्हाट्सएप पर कॉल करने वाले ने धमकी दी थी। पुलिस लाइन स्थित साइबर सेल में तैनात एक्सपर्ट उमेश कुमार का कहना है कि जिस सिम पर व्हाट्सएप चलाया जा रहा है, सर्विलांस के माध्यम से उस सिम की आईडी निकालकर आरोपी का सुराग ही लग सकता है। यदि सिम फर्जी आईडी पर लिया गया है तो ऐसे में रिटेलर (बेचने वाला) भी अभियुक्त की श्रेणी में आता है। जिसके बाद रिटेलर पर भी पुलिस कार्रवाई करती है।

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साइबर सेल में दो माह में एक दर्जन मामले सामने आए हैं। गंगानगर निवासी बीटेक की छात्रा को व्हाट्सएप पर दो माह पहले धमकी भरी कॉल आयी, सविलांस से जांच की गई तो आरोपी झारखंड का निकला। मेरठ में तैनात एक इंस्पेक्टर की बेटी के अश्लील फोटो और मैसेज डाल दिए गए। एनएच-58 निवासी एक शिक्षण संस्थान के छात्र ने शिक्षिका को अश्लील मैसेज भेजे।

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अपराधियों के बचने का बड़ा हथियार

व्हाट्सएप कॉल
व्हाट्सएप कॉल शातिर और बड़े अपराधियों के बचने का बड़ा हथियार भी बन चुका है। हमेशा सर्विलांस के रडार पर रहने वाले ये अपराधी अब फोन कॉल के बजाए व्हाट्सएप कॉल करने लगे हैं। साइबर एक्सपर्ट के अनुसार यह कॉल न तो सर्विलांस पर पकड़ में आती है और न ही रिकार्ड होता है। ऐसे में ये शातिर अपराधी पुलिस को गुमराह कर अपने काम को आसानी से अंजाम दे रहे हैं। 

रिकॉर्डिंग सॉफ्टवेयर नहीं
साइबर एक्सपर्ट उमेश कुमार के अनुसार व्हाट्सएप पर कॉल करने वाला और सुनने वाला रिकॉर्डिंग नहीं कर सकता। जिसमें यह भी पता नहीं चल सकता कि कितने समय और क्या बात हुई हैं। कॉल में तो धमकी का कोई सुबूत नहीं बचता। जिसमें कई बार अपराधी सुबूत नहीं मिलने पर बच जाते हैं। व्हाट्सएप पर धमकी की कॉल आने पर यदि पीड़ित पुलिस अफसरों को शिकायत करता है तो संबंधित मंत्रालय से परमिशन लेकर सिर्फ ऐसी कॉल को सुना जा सकता है। जो भी धमकी भरी कॉल या मैसेज आ रहे हैं उनकी रजिस्टर्ड डिटेल निकलवाने के लिए साइबर सेल व्हाट्सएप के मुख्यालय को ई-मेल भेजते हैं, जहां से बीस दिन से एक माह में जवाब आता है।

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