व्हाट्सएप कॉल शातिर और बड़े अपराधियों के बचने का बड़ा हथियार भी बन चुका है। हमेशा सर्विलांस के रडार पर रहने वाले ये अपराधी अब फोन कॉल के बजाए व्हाट्सएप कॉल करने लगे हैं। साइबर एक्सपर्ट के अनुसार यह कॉल न तो सर्विलांस पर पकड़ में आती है और न ही रिकार्ड होता है। ऐसे में ये शातिर अपराधी पुलिस को गुमराह कर अपने काम को आसानी से अंजाम दे रहे हैं।
रिकॉर्डिंग सॉफ्टवेयर नहीं
साइबर एक्सपर्ट उमेश कुमार के अनुसार व्हाट्सएप पर कॉल करने वाला और सुनने वाला रिकॉर्डिंग नहीं कर सकता। जिसमें यह भी पता नहीं चल सकता कि कितने समय और क्या बात हुई हैं। कॉल में तो धमकी का कोई सुबूत नहीं बचता। जिसमें कई बार अपराधी सुबूत नहीं मिलने पर बच जाते हैं। व्हाट्सएप पर धमकी की कॉल आने पर यदि पीड़ित पुलिस अफसरों को शिकायत करता है तो संबंधित मंत्रालय से परमिशन लेकर सिर्फ ऐसी कॉल को सुना जा सकता है। जो भी धमकी भरी कॉल या मैसेज आ रहे हैं उनकी रजिस्टर्ड डिटेल निकलवाने के लिए साइबर सेल व्हाट्सएप के मुख्यालय को ई-मेल भेजते हैं, जहां से बीस दिन से एक माह में जवाब आता है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/