लखनऊ में आतंकी मुठभेड़ में होने और दिल्ली में दो आतंकियों के पकड़े जाने के बाद जोन में भी अलर्ट किया गया है। शासन की ओर से कड़ी सुरक्षा और चेकिंग के निर्देश हैं, लेकिन शहर में सुरक्षा कहीं नहीं दिखाई दे रही है। अमर उजाला टीम ने बृहस्पतिवार को शहर के कुछ मुख्य स्थानों का दौरा कर सुरक्षा का हाल जाना तो पुलिस की पोल खुलती नजर आई।
बेगमपुल चौराहा
समय -2:15 बजे
बेगमपुल चौराहे पर हैवी ट्रैफिक था, जबकि लालकुर्ती पैठ बाजार में ग्राहकों की भीड़ थी। चार ट्रैफिक पुलिस कर्मी चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में लगे हुए थे, लेकिन बेगमपुल और लालकुर्ती बाजार में दूर तक भी कोई पुलिस कर्मी नजर नहीं आया। लालकुर्ती मार्केट में तो सड़क किनारे कुछ सामान भी लावारिस रखा हुआ था, लेकिन उसे देखने वाला कोई नहीं था।
भैंसाली रोडवेज अड्डा
समय -दोपहर 2: 40 बजे
बस अड्डे पर निगम कर्मियों के कार्यालय के पास धार्मिक स्थल के बाहर लावारिस हालत में एक बैग काफी देर तक रखा रहा। हालांकि बाद में एक व्यक्ति इस बैग को लेकर चला गया। बस अड्डे पर दूर तक भी कोई पुलिस कर्मी नजर नहीं आया। निगम कर्मियों के दफ्तर में पता किया तो वहां मौजूद एक कर्मी ने बताया कि बस अड्डे पर सिर्फ दो पुलिस वालों की ड्यूटी है, लेकिन वह अड्डे के बाहर ही रहते हैं। कुछ बात होने पर फोन करके बुलाना पड़ता है।
घंटाघर मार्केट
समय - 2:55 बजे
घंटाघर के सामने काफी ट्रैफिक था। बाजार में भी अच्छी खासी भीड़ थी लेकिन ना तो यहां कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी नजर आया और ना ही पुलिसकर्मी। यहां एसपी सिटी का भी ऑफिस है। ऑफिस में जरूर पुुलिसकर्मी बैठे थे लेकिन शहर का सबसे अहम क्षेत्र सुरक्षा विहीन था।
सिटी रेलवे स्टेशन
समय - 3:15 बजे
सिटी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म तक जाने के लिए मेटल डिटेक्टर मशीन से होकर गुजरना पड़ता है। लोग इसके नीचे से गुजर रहे थे। कई बार बीप की आवाज भी आई, लेकिन यहां कोई चेक करने वाला नहीं था। पास में जीआरपी के जवान अपने बूथ में बैठे बात कर रहे थे। प्लेटफार्मों पर भी यात्रियों की भीड़ थी, लेकिन यहां जीआरपी नजर नहीं आई। थाने के बाहर जरूर कुछ पुलिस वाले बैठे थे।