नोट- अन्य केंद्रों के लिए भी ध्यानार्थ
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- उच्च न्यायालय के आदेश का विरोध, अधिवक्ताओं में रोष
- हड़ताल न करने पर मांगे गए शपथ पत्र का विरोध
- 20 जून को होने वाली बैठक में आगे की रणनीति बनाई जाएगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार यानी आज न्यायिक कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। यह फैसला उच्च न्यायालय बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति पश्चिमी उप्र की बृहस्पतिवार को हुई ऑनलाइन बैठक में लिया गया। समिति ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के तीन जून 2026 के आदेश को अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता पर कुठाराघात बताया है।
ऑनलाइन बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा ने की। इसका संचालन संयोजक परवेज आलम ने किया। बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समस्त बार के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए। इन प्रस्तावों में उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश की कड़ी निंदा की गई। अधिवक्ताओं ने इसे अपनी स्वतंत्रता पर हमला बताया। समिति ने यह भी तय किया कि उच्च न्यायालय के आदेश के संबंध में एक प्रतिनिधिमंडल उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से मिलेगा। उत्तर प्रदेश में जल्द ही एक अधिवक्ता सम्मान महासम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश की एक आपात बैठक 20 जून 2026 को होगी। इस बैठक में आगामी रणनीति तय की जाएगी।
बैठक में शामिल प्रमुख पदाधिकारी
ऑनलाइन बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई बार एसोसिएशनों के अध्यक्ष और महामंत्री उपस्थित रहे। इनमें बिजनौर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार, गाजियाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रह्मदेव त्यागी और नोएडा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी शामिल थे। रामपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद लोधी और अमरोहा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल चिकारा भी मौजूद थे। सहारनपुर बार एसोसिएशन के महामंत्री पालम राणा, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह और बागपत बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तोमर ने भी भाग लिया।
आगे की रणनीति और विरोध
समिति ने उच्च न्यायालय के आदेश को अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता पर कुठाराघात बताया है। इसी के विरोध में शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। केंद्रीय संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात करेगा। उत्तर प्रदेश में जल्द ही एक अधिवक्ता सम्मान महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। आगामी रणनीति तय करने के लिए 20 जून 2026 को एक आपात बैठक बुलाई गई है।
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