पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। सोमवार रात से शुरू हुई झमाझम बारिश मंगलवार को भी रुक-रुक कर जारी रही। लगातार वर्षा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली। मौसम सुहाना होने से शहर की सड़कों पर भी चहल-पहल बढ़ गई और लोगों ने राहत की सांस ली।
पिछले कुछ दिनों से मानसून की चाल धीमी पड़ने से उमस भरी गर्मी का असर बढ़ गया था। इससे जनजीवन प्रभावित होने लगा था। मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने से सोमवार से शुरू हुई बारिश का सिलसिला मंगलवार तक भी जारी रहा। अगले 24 से 48 घंटे तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम का यही मिजाज बने रहने की संभावना है।
इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज वर्षा भी हो सकती है। आसमान में बादल छाए रहने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी नहीं होगी और गर्मी का असर कम रहेगा। बारिश का सबसे अधिक फायदा किसानों को मिला है। धान, मक्का, बाजरा, गन्ना और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह वर्षा बेहद लाभदायक है।
शहरवासियों को भी लंबे समय बाद उमस और तेज धूप से राहत मिली है। लगातार चल रही ठंडी हवाओं और बारिश के कारण मौसम खुशनुमा हो गया है। हालांकि, कई निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर फिसलन जैसी समस्याएं भी देखने को मिलीं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
चौधरी चरण सिंह विवि की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश 30.9 मिमी दर्ज की गई। एयर क्वालिटी इंडेक्स 51 दर्ज किया गया। गंगानगर में 48, जयभीम नगर में 34, एमआईईटी कॉलेज 70, पल्लवपुरम में 52 दर्ज किया गया।
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