क्लिक के काले कारोबार में निवेशकों के 500 करोड़ रुपये से ज्यादा ठगने वाली कंपनी वेबवर्क लिंक लिमिटेड के मालिक अनुराग गर्ग के पिता सत्यप्रकाश गर्ग नेहरूनगर स्थित मकान में रहते हैं। अब सत्यप्रकाश के घर की डोर बेल बजती है तो उनसे पहले पड़ोसी बाहर निकलकर देखते हैं कि आखिर कौन आया है।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम सत्यप्रकाश से मिलने उनके नेहरूनगर स्थित मकान पहुंची। डोर बेल बजाने पर खुद सत्यप्रकाश दरवाजा खोलने के लिए आए। उनके दरवाजा खोलने से पहले पड़ोसी घरों से बाहर निकलकर ताकझांक करते नजर आए। टीम ने अपना परिचय दिया तो वह बोले कहां आए हो आप। घर में पूजापाठ चल रहा है। पंडित जी आए हैं। इसके बाद उन्होंने टीम से डाइनिंग हाल में बैठने को कहा। वेबवर्क के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, मुझे कल (बुधवार) शाम तक कोई जानकारी नहीं थी। कुछ मीडिया वालों ने ही आकर इस संबंध में बताया। छह महीने हो गए बेटे (अनुराग) से मेरी बातचीत तक नहीं हुई। मेरे पास उसका सिर्फ एक नंबर था। इतना बड़ा मामला संज्ञान में आया तो मैंने उस नंबर पर कॉल की, जो स्विच ऑफ मिला।
कोई भी एजेंसी कर ले मेरे खातों की जांच
क्या आपके बेटे ने कभी आपके बैंक खाते या किसी अन्य प्रॉपर्टी का इस्तेमाल किया? इस सवाल पर वह बोले, वह लंबे समय से गाजियाबाद में प्रॉपर्टी का काम करता है, लेकिन बीच में उससे बातचीत कम हो गई थी। रही बात मेरे खाते की तो मेरे पास पेंशन का एकाउंट है। जिसमें हर माह पेंशन आती है। इसके अलावा एक-दो और एकाउंट हैं चाहे तो कोई भी एजेंसी उसकी जांच कर सकती है।
सेंट्रल स्कूल से पढ़ाई के बाद एमबीए
सीडीए से सेवानिवृत्त सत्यप्रकाश ने बताया कि उनके एक बेटा और एक बेटी है। दोनों की शादी दो चुकी है। सारी जिंदगी ठीक चल रही थी, लेकिन अब पता नहीं कौन सा मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटे ने सेंट्रल स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद रुड़की रोड स्थित शोभित विवि से एमबीए किया है। काम अच्छा चल रहा था, पता नहीं यह सब करने की क्या जरूरत थी? यह भी कहा कि कहीं न कहीं उनके बेटे को गलत तरीके से फंसाया गया है।