पशुओं और फसलों का रखें ध्यान
कृषि एवं प्रौद्योगिकी के वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर के अनुसार इस प्रचंड गर्मी में दुधारू पशुओं को ऐसी जगह रखें जहां लू का प्रकोप कम हो। उन्हें रोजाना नहलाएं। हरे चारे का प्रयोग करें। ऐसी गर्मी में दूध का उत्पादन भी कम हो जाता है। बढ़ती गर्मी में फसलों में भी पानी लगाने की जरूरत है। गर्मी और हीटवेव से गन्ना, मूंग, उड़द, ज्वार, मक्का, खीरा, ककड़ी, तरबूज, करेला, खरबूजा, मिर्च, लौकी, तौरी आदि के उत्पादन का असर दिखाई देगा।
दो दिन से गिरा एक्यूआई
बढ़ती गर्मी के बीच दो दिन से एयर क्वालिटी इंडेक्स भी गिरा है। दो दिन पहले एक्यूआई 254 पहुंच गया था, जो मंगलवार को 164 दर्ज किया गया।
पिछले 10 साल में मई का अधिकतम तापमान
वर्ष अधिकतम
2011 43.2
2012 44.0
2013 43.5
2014 42.5
2015 43.5
2016 43.5
2017 43.0
2018 43.2
2019 44.0
2020 44.5
(आंकड़े आईआईएफएसआर से हैं)
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