मंगलवार दोपहर को अचानक मौसम ने करवट बदली और तेज हवाओं के साथ मौसम का सिलसिला शुरू हो गया। तेज हवा चलने से सरसों की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई। वहीं गेहूं और अन्य खेती करने वाले किसानों को राहत मिली।
वहीं सर्दी की पहली बारिश होने के चलते स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने बताया कि यह बारिश किसानों के लिए लाभदायक होगी, क्योंकि इन दिनों खेतों में सिंचाई की आवश्यकता है। गेहूं की फसल को पाले और कोहरे से बचाने के लिए सिंचाई की अधिक आवश्यकता होती है।
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि आज से मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ समेत कई जिलों में बूंदाबांदी के आसार हैं। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 24.1 व न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं शहर की हवा दिनों दिन प्रदूषित होती जा रही है। हवा की गति धीमी होने के चलते एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार बढ़ रहा है। मेरठ में गंगानगर का इलाका सबसे प्रदूषित रहा। यहां, एयर क्वालिटी इंडेक्स 327 पर पहुंच गया। जबकि, मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 306 दर्ज किया गया।