निगम के जल संसाधन
ट्यूबवेल - 157
10 एचपी सबमर्सिबल - 575
वन एचपी सबमर्सिबल - 3000
हैंडपंप - 10000
220 फीट नीचे पहुंच गया भूगर्भ जल
- महानगर ही नहीं, बल्कि पूरे जनपद में भूगर्भ जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। यह 220 फीट तक पहुंच गया है। दस साल पहले की बात करें तो 80 से 100 फीट तक पानी था। मेरठ जनपद के मेरठ, रोहटा, खरखौदा, जानी, माछरा, परीक्षितगढ़ ब्लॉक डार्क जॉन में शामिल हैं, जो संकेत है कि आने वाले समय में जनता पानी को तरस जाएगी। 200 फीट से नीचे जलस्तर जाते ही वह क्षेत्र डार्क जोन में पहुंच जाता है।
पंप संख्या प्रत्येक की कीमत
10 एचपी एक 2.12 लाख
वन एचपी एक 68,490 रुपये
50 हॉसपावर ट्यूबवेल 45 लाख रुपये
- जलकल विभाग की स्थिति चिंताजनक है। जल निगम भी पीछे नहीं है। कुछ अधिकारियों की काम की मंशा नहीं है, जबकि यह बात सही है कि अगर गंगाजल परियोजना से शहर की अन्य पाइप लाइनों को जोड़ दिया जाए, तो काफी भूगर्भ जल दोहन होने से बच जाएगा। हम इसको गंभीरता से दिखवाएंगे।
- अमित सिंह, अपर नगरायुक्त
- नगर निगम में पारदर्शिता नहीं दिखती। अधिकारी अपने फायदे के चक्कर में कार्य कर रहे हैं। कुछ पूछा जाता है, तो जवाब नहीं देते हैं। शहर के काफी इलाकों से पर्याप्त जलापूर्ति न होने की शिकायतें आ रही हैं। 23 मई के बाद एक-एक बिंदु पर अधिकारियों से बात की जाएगी।
- सुनीता वर्मा, महापौर