मेरठ। रोहटा रोड स्थित फाजलपुर और लखवाया पानी की टंकी पर अपर नगरायुक्त ममता मालवीय व सहायक अभियंता दुष्यंत कुमार ने बुधवार को निरीक्षण किया। फाजलपुर में ठेकेदार का कोई कर्मचारी नहीं मिला और लखवाया में 70 हजार लोगों को मिलने वाला पानी बर्बाद होता मिला। वहां टेंट वाला कारपेट धो रहा था और टंकी के पानी से खेत में सिंचाई की जा रही थी। अपर नगर आयुक्त ने 100 कारपेट जब्त कर लिए। विरोध में लोग अपर नगरायुक्त की गाड़ी के आगे लेट गए। वह नहीं मानीं और कारपेट जब्त करके निगम में ले आईं। ठेकेदार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर ठेका निरस्त करने का नोटिस भी दिया।
शहर में करीब 64 अवर जलाशय हैं। इसमें से 30 को नगर निगम चल रहा है और 34 ठेकेदार हिमांशु बाली को दिए गए हैं। जिन अवर जलाशय को ठेकेदार चला रहा है, वहां से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। फाजलपुर और लखवाया की भी कई शिकायतें नगर निगम में पहुंचीं। इसीलिए अधिकारियों ने निरीक्षण किया। लखवाया स्थित जलाशय पर कुछ लोगों ने कब्जा किया हुआ है। टंकी के पानी से टेंट वाला कारपेट धो रहा था और टंकी में पाइप लगाकर खेत की सिंचाई की जा रही थी। इसको देखकर अपर नगरायुक्त नाराज हो गईं। निगम की टीम को बुलाया कारपेट को कब्जे में ले लिया।
इन गांव के लोगों हो रही थी प्रभावित
लखवाया अवर जलाशय से पठानपुरा, मुरलीपुर, लखवाया और दायमपुर में पानी की सप्लाई की जाती है। अवर जलाशय का पानी खेती के लिए बेचा जा रहा था। इसके चलते चारों गांव में पानी नहीं पहुंच रहा था। स्थानीय लोग लगातार पानी नहीं मिलने पर शिकायत कर रहे थे।
भाजपा नेता का भाई ठेकेदार
अवर जलाशय का ठेकेदार हिमांशु बाली भाजपा नेता महेश बाली का भाई है। उनकी मैसर्स जेएस के नाम से फर्म है। नगर निगम ने हिमांशु को अवर जलाशय के संचालन व देखरेख के लिए ठेका दिया हुआ है। प्रत्येक अवर जलाशय पर निगम उन्हें 16 हजार रुपये देता है। अपर नगर आयुक्त ने बताया है कि अवर जलाशय पर कोई कर्मचारी नहीं है, इसको लेकर लगातार शिकायत आ रही थी।
इन बिंदुओं पर मांगा जवाब
1. अवर जलाशय में मैसर्स जेएस कांट्रेक्टर के द्वारा अवर जलाशय पर एक श्रमिक क्यों तैनात है, जबकि तय दो हैं।
2. शुद्ध पेयजल से सिंचाई क्यों की जा रही थी।
3. अवर जलाशय पर बाहरी लोगों द्वारा मुख्य गेट की दीवार को क्यों क्षतिग्रस्त किया गया।
4. अवर जलाशय पर बाहरी लोगों द्वारा अवर जलाशय के मेन पाइप क्षतिग्रस्त कर कारपेट की धुलाई क्यों की जा रही थी।