वाहन टकराने के विवाद में व्यापारियों में संघर्ष
मेरठ। गढ़ रोड पर होटल हारमनी इन के सामने रविवार शाम व्यापारियों में संघर्ष हो गया। कार और स्कूटी टकराने के विवाद में करीब 30 मिनट तक दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। पांच लोगों के सिर फूट गए। करीब 40 मिनट तक रोड पर अराजकता का माहौल रहा। वाहनों की लंबी लाइन भी लग गई। बाद में दोनों पक्ष नौचंदी थाने में भी भिड़ गए।
मीरा एन्क्लेव निवासी सुनील गुप्ता हैंडलूम कारोबारी हैं। रविवार शाम उनका बेटा राहुल गुप्ता बाजार से कुछ सामान खरीदने निकला। सामान खरीदकर जैसे ही वह स्कूटी से घर जाने लगा तो होटल हारमनी इन के निकट बैक करते समय कार स्कूटी से टकरा गई। कार सवार गुस्से में नीचे उतरा और राहुल गुप्ता के साथ गाली-गलौच कर दी।
राहुल ने फोन कर बाजार में मौजूद अपने भाई अंकुर गुप्ता को बुला लिया। देखते ही देखते विवाद तूल पकड़ गया और दोनों पक्ष भिड़ गए। कार सवार ने अपने कुछ साथियों के साथ राहुल व अंकुर को जमकर पीटा, जिसमें वह घायल हो गए। तभी राहुल के फोन करने पर उसके कुछ साथी वहां आ गया। उन्होंने कार सवार व उसके साथियों की जमकर पिटाई की। लात-घूसों के बीच ईंटें भी चलीं। एकाएक अफरा-तफरी मच गई। समारोह में शामिल होने आए लोग भी घबरा गए। पुलिस का अता पता नहीं था। बाद में कुछ लोगों की सूचना पर नौचंदी थाने की जीप व फैंटम मौके पर पहुंची। तब तक एक पक्ष वहां से जा चुका था। पुलिस घायल राहुल, अंकुर व उनके दोस्त वरुण को थाने ले आई।
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थाने में दोनों पक्षों के बीच नोकझाेंक
राहुल, अंकुर और वरुण के सिर में काफी चोटें आई थीं। उनके थाने आने की सूचना पर काफी संख्या में व्यापारी वहां पहुंच गए और हंगामा कर दिया। व्यापारी मारपीट के आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। तभी दूसरे पक्ष के लोग भी वहां आ गए। कार सवार की पहचान शास्त्री नगर सेक्टर-6 निवासी दिव्यांश व उसके दोस्त अक्षय रस्तोगी के रूप में हुई। वह भी व्यापारी बताए जा रहे हैं।
उनकी ओर से भी कुछ लोग थाने आ गए। इंस्पेक्टर के सामने ही दोनों पक्ष फिर भिड़ने को तैयार दिखे। तभी वहां पहुंचे व्यापारी नेता नवीन अरोड़ा, अंकुर गोयल, बिल्लू त्यागी व धन जैन आदि ने दोनों पक्षों को शांत कराया। देर रात दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
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मामूली बात पर हुआ विवाद
कार व स्कूटी में मामूली टक्कर के बाद विवाद हुआ था। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले आई। यहां दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति के बाद समझौता हो गया। - देवेश सिंह, सीओ सिविल लाइन