.व्यापारियों के सुझावों को छावनी परिषद ने माना, बोर्ड बैठक में मुद्दा हल कराने की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। छावनी परिषद ने व्यापारियों के सुझावों को स्वीकार किया है। सरकार के निर्णय आने तक छावनी क्षेत्र के व्यापारियों और स्थानीय लोगों से घर-घर कूड़ा संग्रहण के बिल की रिकवरी नहीं की जाएगी। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने इसकी पुष्टि की।
नवीन गुप्ता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने छावनी परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जाकिर हुसैन से मुलाकात की। उन्होंने छावनी क्षेत्र के करीब आठ हजार व्यापारियों और लगभग 84 हजार स्थानीय लोगों की समस्या रखी। गुप्ता ने बताया कि कूड़ा संग्रहण का मासिक शुल्क 30 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने इस वृद्धि को अनुचित बताया और कहा कि व्यापार संघ इसे अस्वीकार करता है। उन्होंने छावनी परिषद से जल्द बोर्ड बैठक बुलाकर इस विषय का समाधान करने की मांग की। अधिशासी अभियंता ने आश्वासन दिया कि सभी सुझाव केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे।
सहयोग और सुझाव
अधिशासी अभियंता ने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों के पूर्व के वर्षों के कूड़ा संग्रहण बिल रुके हुए हैं। इस पर आबूलेन व्यापार संघ के महामंत्री राजवीर सिंह, सदर सराफा एसोसिएशन से अनिल जैन बंटी और सदर व्यापारी अमित बंसल ने सहयोग का आश्वासन दिया। व्यापारियों ने छावनी परिषद को क्षेत्र में शिविर लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि पुराने दर के अनुसार व्यापारियों से बिल जमा कराए जाएं और शिविर की जानकारी दो दिन पहले संयुक्त व्यापार संघ को दी जाए।
समस्या समाधान के प्रयास
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि अब बोर्ड बैठक में व्यापारियों का पक्ष मजबूती से रखा जाना चाहिए। संगठन इस मुद्दे पर राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी, सांसद अरुण गोविल और विधायक अमित अग्रवाल से संपर्क करेगा। अधिशासी अभियंता को ज्ञापन देने वालों में विजय आनंद अग्रवाल, आकाश खन्ना, सुमित ग्रोवर, विकास गिरधर, अमित बंसल, संजीव रस्तोगी, सुधांशु पाराशर, अनिल जैन बंटी, राजबीर सिंह, विनेश तोमर, विवेक जैन, विवेक गौड़ आदि रहे।