अट्टा चिंदौड़ी गांव में ग्रामीण आमने-सामने आए
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। थाना क्षेत्र के अट्टा चिंदौड़ी गांव में दलित बस्ती में पानी की निकासी को लेकर किए जा रहे नाली निर्माण को लेकर बुधवार को दो गांव के लोग विरोध करते हुए आमने सामने आ गए। जिसे देख काम रोक दिया गया।
ब्लॉक क्षेत्र के अट्टा चिंदौड़ी गांव की ग्राम पंचायत एक है। ग्राम प्रधान जितेन्द्र सिंह का कहना है कि गांव में वाल्मीकि बस्ती के ग्रामीणों के घरों की निकासी का जुड़ाव किसी तालाब से नहीं होने के कारण पानी रास्तों में भरा रहता है। जिससे गांव में संक्रामक रोग फैलने की आशंका बनी रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर वाल्मीकि बस्ती के पानी की निकासी की व्यवस्था मांग की थी। जिलाधिकारी की तरफ से टीम ने मौके पर निरीक्षण किया और गांव के पूर्वी दिशा में स्थित तालाब में गंदा पानी डालने के लिए तय किया गया। उसी रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान ने बुधवार को नाले का निर्माण शुरू कराया। इसकी जानकारी गांव चिंदौड़ी खास निवासी पूर्व प्रधान डॉ. महक सिंह को हुई तो वह ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं, तालाब में पानी डालने का विरोध कर हंगामा करना शुरू कर दिया। ग्राम प्रधान ने मामले की जानकारी थाना पुलिस को दी। इसको लेकर थाना पुलिस वीआईपी ड्यूटी में होने की बात कही गई। जिसके बाद गांव में दोनों पक्षों के लोग अड़ गए। इससे तनाव की स्थिति बन गई। ग्राम प्रधान ने तनाव बढ़ता देख काम रुकवा दिया। उसके बाद हंगामा कर रहे दूसरे पक्ष के लोग भी मौके से चले गए। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी कीमत पर दूसरे गांव की निकासी का पानी अपने गांव के तालाब में नहीं डालने दिया जाएगा। हालांकि ग्राम प्रधान जितेंद्र सिंह का कहना है कि तालाब गांव अट्टा के ही रकबे में स्थित है। नियमानुसार नाले का निर्माण कराया जा रहा था, लेकिन गांव के कुछ लोग चुनावी रंजिश के चलते बाधा बने हुए हैं जो न्याय संगत नहीं है।