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ग्रामीण बोले- सेना के जवान पर हमले के आरोपियों के घर चलाओ बुलडोजर

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सरूरपुर (मेरठ)। करनाल-मेरठ हाईवे के भूनी टोल प्लाजा पर गांव गोटका निवासी सेना के जवान कपिल पर हमले की घटना से लोगों में आक्रोश है। टोल प्लाजा पर हंगामा, तोड़फोड़ और सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने आरोपियों का एनकाउंटर करने और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की है।
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वहीं, मंगलवार को दिनभर टोल फ्री रहा। टोल के कुछ सेंसर फास्टैग से किसी वाहन का शुल्क काट लेते हैं। कभी स्वयं ही बंद हो जाते हैं जबकि घटना के बाद से पुलिस टोल प्लाजा पर सुरक्षा की दृष्टि से मौजूद रही। सातवें आरोपी सिक्योरिटी इंचार्ज नीरज तालियान को कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया। सोमवार देर रात को उसे पकड़ा था।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि पुलिस प्रशासन को दिए गए 48 घंटे में सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो उग्र आंदोलन करेंगे। मंगलवार को महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला और रालोद के सैनिक प्रकोष्ठ से जुड़े पूर्व सैनिक पीड़ित के परिजनाें के अलावा घायल सैनिक कपिल से मिले। उन्होंने हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। पूर्व सैनिकों में चंद्रवीर सिंह, कर्नल ब्रह्मपाल सिंह तोमर, सूबेदार मेजर संदेश कुमार और कैप्टन सुभाष चंद रहे।
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इन्होंने मांग की है कि एनएचआईए ने टोल कंपनी के ऊपर जो 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। वह पीड़ित परिवार को मिले। साथ ही आरोपियों का एनकाउंटर कर उनके घर पर बुलडोजर चलाया जाए। इसके लिए वह केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह को पत्र लिखकर अवगत कराएंगे।
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बाकी आरोपियों की पहचान के किए जा रहे प्रयास
एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पहचान के बाद सभी आरोपियों के नाम मुकदमे में शामिल कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। सीओ सरधना आशुतोष कुमार की देखरेख में पुलिस की चार टीम बाकी आरोपियों की तलाश में लगी हैं। कपिल के साथ सबसे पहले मारपीट करने वाले रवि नामक टोलकर्मी समेत अन्य की पुलिस तलाश कर रही है। उधर, टोल प्लाजा के अधिकारी भी तोड़फोड़ के संबंध रिपोर्ट दर्ज कराने के प्रयास में लगे हैं। एसपी देहात ने बताया कि अभी टोल प्लाजा के अफसरों की ओर से तहरीर नहीं मिली है।

कपिल का भाई व जीजा भी सेना में दे रहे सेवा
कपिल के पिता कृष्णपाल ने बताया कि कपिल का बड़ा भाई सचिन भी सैनिक है, जो पंजाब के फिरोजपुर में आर्म्ड बटालियन में अपनी सेवा दे रहे हैं। उनकी बेटी रीना के पति भी सेना में हैं। कपिल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ग्रेनाइडर टीम का हिस्सा रहे थे। वर्तमान में वह घाटी में राष्ट्रीय राइफल में बारामूला के पास तैनात हैं।
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माता पिता बोले- घटना को याद कर दिल तड़प उठता है
कपिल के पिता कृष्णपाल व माता सुनीता ने बताया कि जब वह घटना को याद करते है तो उनका दिल तड़प उठता है। मां सुनीता ने बताया कि रविवार को उसने अपने बेटे कपिल को तिलक कर नम आंखों के साथ ड्यूटी के लिए रवाना किया था। छोटी सी बात को लेकर आरोपियों ने जिस तरह से उसकी पिटाई की उस तरह तो किसी अपराधी के साथ भी नहीं किया जाता। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसने पूरे देश के वीर सैनिकों के लिए लगातार प्रार्थना की है। आरोपियों के सामने कपिल के पिता, चाचा व चचेरा भाई विनती करते रहे लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। टोल कर्मचारियों से उनकी कोई रंजिश नहीं है। यदि टोल कंपनी के अधिकारी बातचीत करते तो समाधान निकल जाता। दूसरे गाड़ी वालों का गुस्सा आरोपियों ने कपिल पर उतारा है।

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चोट भरने में लगेगा समय
घायल सैनिक कपिल मेरठ कैंट के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती हैं। कपिल ने बताया कि उन्होंने पूरी घटना की जानकारी अपने सीओ को दे दी थी। इसके बाद से आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें अंदरूनी चोटें आई हैं जिसमें उनके जांघ, हाथ व कूल्हे का मांस फट गया है। इसे भरने में समय लगेगा।

यह है मामला
सरूरपुर थाना क्षेत्र के गांव गोटका निवासी सेना के जवान कपिल रविवार देर शाम छुट्टी से वापस अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे। कपिल को पिता कृष्णपाल, ताऊ तिरसपाल, चचेरा भाई शिवम और सुधीर दिल्ली एयरपोर्ट पर कार से छोड़ने जा रहे थे। सोमवार सुबह पांच बजे की फ्लाइट थी। कपिल को सोमवार शाम तक श्रीनगर पहुंच कर ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। मेरठ-करनाल हाईवे पर भूनी टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी लाइन देखकर कपिल ने टोल कर्मचारियों को अपना परिचय देकर कार को एक साइड से निकलवाने का आग्रह किया था, ताकि वो समय पर जाकर फ्लाइट पकड़ सकें।
टोलकर्मियों ने जवान का परिचय पत्र भी फेंक दिया था जिसका विरोध करने पर टोल कर्मियों ने पोल से बांधकर जवान कपिल की लाठी डंडों और ईंटो से प्रहार कर पिटाई कर दी थी। आरोपियों की पिटाई से जवान घायल हो गया था। किसी राहगीर से जवान के साथ मारपीट का वीडियो अपने मोबाइल में बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। वीडियो वायरल होते ही पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। इसके बाद ग्रामीण, पूर्व विधायक संगीत सोम, भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा के अलावा बड़ी संख्या में भीड़ ने भूनी टोल पर धरना दिना। इस दौरान आक्राेशित भीड़ ने टोल पर जमकर तोड़फोड़ की। सेना के जवान के साथ मारपीट के मामले में मैसर्स धर्म सिंह कंपनी को ब्लैकलिस्ट व ठेका निरस्त करते हुए एनएचएआई ने कंपनी के ऊपर 20 लाख का जुर्माना लगाया था। ग्रामीणों की चार सूत्रीय मांग के बाद धरना समाप्त कर दिया था। पुलिस ने कपिल के पिता कृष्णपाल की ओर से हत्या के प्रयास आदि धाराओं में मामला दर्ज किया था। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था जिनमें से छह कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था।
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