सलावा के ग्रामीणों का नवजात के शव के साथ सरधना सीएचसी में हंगामा
सरधना। करीब दस दिन प्रसव पीड़ा चलते सीएचसी में भर्ती कराई गई महिला को हालत बिगड़ने पर रेफर करने तथा उसके नवजात बच्चे की रविवार को निजी अस्पताल में मौत होने पर गुस्साए ग्रामीण व परिजन नवजात के शव के साथ सीएचसी पहुंचे और हंगामा किया। ग्रामीणों ने मामले में प्रथम दृष्टया सीएचसी स्टाफ की लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की मांग की और हंगामा किया। कार्रवाई की मांग करते हुए सीएमओ के नाम एक पत्र सीएचसी स्टाफ को सौंपा तथा सीएमओ से फोन पर बात की।
गांव सलावा निवासी दीपक की पत्नी रेनू की गर्भवती थी। उसे 23 सितंबर की सुबह 9 बजे सीएचसी में भर्ती कराया गया। शाम पांच बजे तक सीएचसी स्टाफ सामान्य प्रसव होने की बात कहता रहा। लेकिन हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए नगर के निजी अस्पताल ले गए। वहां बड़ी मुश्किल में प्रसव कराया गया। जच्चा और बच्चे की हालत खराब हो गई। इसके बाद पजिन रेनू व उसके नवजात को कंकरखेड़ा स्थित अस्पताल ले गए। इस मामले में चिकित्सकों की लापरवाही के संबंध में परिजनों ने थाने में तहरीर दी थी। सीएचसी प्रभारी व महिला चिकित्सक को नामजद कराया था। इस मामले में सीएमओ ने परिजनों को सीएचसी प्रभारी को हटाने तथा अन्य के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
वहीं, रविवार को नवजात की मौत हो गई। इसके शव को लेकर परिजन व ग्रामीण सीएचसी पहुंचे और हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई की जाए। सीएचसी प्रभारी के न मिलने पर फोन सीएमओ से बात की तथा अपनी शिकायत स्टाफ को दी।
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राखी की मौत मामले में भी कार्रवाई की मांग
करीब दो सप्ताह पूर्व सलावा निवासी राखी सीएचसी में नसबंदी के लिए आई थी। ऑपरेशन के दौरान उसकी हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल रेफर किया था। उसकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में परिजनों ने सीएचसी में हंगामा करते हुए सीएचसी प्रभारी समेत अन्य स्टाफ पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग थाने पर की थी। एसडीएम, सीओ व सीएमओ थाने में पहुंचे थे और आश्वासन दिया था कि सीएचसी प्रभारी को हटाया जा रहा है। नई नियुक्ति तक काम करेगा। लेकिन अभी सीएचसी ड्यूटी पर है। जिसे लेकर ग्राम प्रधान अजय उर्फ बंटी में ने सीएचसी में सोमवार को तालाबंदी करने की चेतावनी दी थी। रविवार को इस मामले में सीएमओ से फोन पर विरोध जताया गया। सीएमओ ने मामले की जांच चलने की बात कही है। जिसके बाद तालाबंदी का समय तीन दिन और बढ़ा दिया है।
- ग्रामीणों ने सीएमओ के नाम शिकायती पत्र सौंपा है। जैन मिलन अस्पताल में महिला का प्रसव के दौरान उपचार कराया गया। उन्होंने प्राइवेट अस्पताल की जांच कराने की मांग की है। -डॉ. अमित त्यागी, प्रभारी, सीएचसी, सरधना
रेनू मामले में मेडिकल कॉलेज से तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मृतक राखी के परिजनों को 50 हजार की मदद करा दी गई है और भी कराई जा रही है। सीएचसी प्रभारी का फिलहाल हटाया जाना संभव नहीं है। इस तरह की शिकायत पर प्रभारी को हटाया जाता है तो आए दिन सीएचसी प्रभारी बदलना पडे़गा। - डॉ. अखिलेश मोहन, सीएमओ, मेरठ