गांव के पास टूटा पड़ा गंगा का बांध स्रोत संवाद
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र में अभी कई गांव ऐसे हैं जहां बाढ़ की तबाही के निशां अभी भी नजर आ रहे हैं। यहां सैकड़ों ग्रामीणों की जिंदगी गड्ढों में फंसी है। बाढ़ में हुए यह गड्ढे ग्रामीणों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। एक महीना बीतने के बाद भी शासन प्रशासन के अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
गंगा किनारे स्थित विकासखंड की ग्राम पंचायत सिरजेपुर में एक महीने पूर्व गंगा का तटबंध टूट गया था। इसके बाद यहां बाढ़ के पानी ने जमकर तबाही मचाई। गंगा से निकलने वाला पानी सीधे किनारे पर बसे गांव में पहुंच गया। पानी की गति इतनी तेज थी कि गांव में कई स्थानों पर आठ से दस फीट गहरे गड्ढे मुख्य सड़कों पर बन गए थे। धीरे-धीरे बाढ़ से तो राहत मिल गई परंतु इन गड्ढों में अभी भी हादसे का अंदेशा बना हुआ है।
ग्रामीण जोगेंद्र भड़ाना, कुलदीप, समय सिंह आदि ने बताया कि बाढ़ से गांव के रास्तों का ऐसा हाल है कि पिछले 40 वर्षों में भी नहीं हुआ। अब इन रास्तों में गहरे गड्ढे हैं। गंगा के बांध के पास से मिट्टी कटने से फिर पानी आने का खतरा है परंतु अभी तक यहां प्रशासनिक अधिकारियों ने न तो टूटे तटबंध को दुरुस्त कराया और न ही गांव की सड़कों पर बने इन गड्ढों को ही दुरुस्त कराया। इससे ग्रामीणों की जिंदगी बाढ़ में बने गड्ढों में अटकी हुई है।
सड़कों पर टूटे पड़े विद्युत खंभे
सिरजेपुर गांव में बाढ़ के बाद जहां प्रशासनिक अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं वहीं विद्युत विभाग के अधिकारी भी पीछे नहीं हैं। गांव में कई स्थानों पर विद्युत खंभे टूटे पड़े हैं, जिनमें 11 हजार किलोवाट के खंभे भी शामिल हैं। विद्युत लाइन से इन खंभों का कनेक्शन तो हटा दिया परंतु इनको दोबारा खड़ा करना विद्युत विभाग ने उचित नहीं समझा। इस कारण ग्रामीणों को भय है कि कहीं इनमें करंट आ गया तो बड़ा खतरा हो सकता है।
गांव के पास टूटा पड़ा गंगा का बांध स्रोत संवाद
गांव के पास टूटा पड़ा गंगा का बांध स्रोत संवाद