बैठक में मौजूद मवाना व हस्तिनापुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान स्रोत
प्रधानों के मानदेय, पंचायत सहायकों के भुगतान और मनरेगा के पक्के कार्यों के भुगतान में देरी का मुद्दा उठा
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के मुख्य मार्ग पर स्थित फार्म हाउस में ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के दौरान आ रही विभिन्न समस्याओं और भुगतान में देरी को लेकर रविवार को हस्तिनापुर और मवाना विकास खंड के ग्राम प्रधानों की बैठक हुई। इसमें 40 से अधिक ग्राम प्रधानों ने हिस्सा लिया। प्रधानों ने समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं होने पर लखनऊ पहुंचकर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुदेशपाल चौधरी ने कहा कि सरकार द्वारा प्रशासक नियुक्त होने के बाद ग्राम प्रधानों का मानदेय रोक दिया गया है। वहीं, पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाया गया है। प्रधानों ने पंचायत सहायकों के मानदेय का भुगतान ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए मिलने वाली धनराशि से किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि पंचायत सहायकों का मानदेय सरकार को अपने स्तर से उपलब्ध कराना चाहिए। अनुज भाटी ने कहा कि नई भुगतान व्यवस्था लागू होने के बाद भुगतान में देरी हो रही है। मनरेगा के तहत कराए गए पक्के कार्यों का भुगतान भी समय से नहीं हो रहा है। इससे ग्राम पंचायतों में प्रस्तावित और चल रहे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
प्रधानों ने कहा कि ग्राम पंचायतों की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन दिया जाएगा। इस पर भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सभी ग्राम प्रधान लखनऊ पहुंचकर आंदोलन करेंगे। बैठक में हस्तिनापुर क्षेत्र से इंतजार, महेंद्र जजलपुर, क्यूम, भंवर सिंह, मनोज तथा मवाना क्षेत्र से बृजमोहन, आरिश, राहुल मान आदि ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
बैठक में मौजूद मवाना व हस्तिनापुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान स्रोत