मेरठ। शास्त्रीनगर में सराफ के घर डकैती की वारदात के बाद भी पुलिस की नींद नहीं टूटी। शनिवार रात अमर उजाला की टीम ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। शास्त्रीनगर में तो घटना होने के बाद के चलते पुलिस सतर्क मिली, जबकि सिविल लाइन और सदर बाजार में सन्नाटा मिला। चौकियों पर ताले लगे थे और पुलिस गायब थी।
शहर की सुरक्षा रात को भगवान भरोसे है। एसएसपी व एसपी सिटी के तमाम प्रयास और आला अधिकारियों की फटकार के बाद भी पुलिस सुनने को तैयार नहीं। शनिवार रात को भी शहर के कई इलाकों में रोजाना की तरह पुलिस गायब मिली। रात में सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। शहर के बीचोबीच सदर की आबूलेन चौकी रात 11:30 बजे खुली थी, लेकिन वहां पर पुलिस दूर तक नहीं थी। रात 11:45 बजे साकेत पुलिस चौकी पर भी ताला लगा था। यहां गश्त भी नहीं दिखाई थी। तेजगढ़ी पुलिस चौकी पर रात 12 बजे भारी पुलिस बल था। यहां से हापुड़ अड्डा पर 12:10 बजे पुलिस मिली। यहां से भूसा मंडी चौकी पर 12:30 बजे पहुंचे तो ताला लगा था। आबूलेन, बांबे बाजार में भी सन्नाटा था, जहां पुलिस की गश्त तक नहीं हो रही थी। इसके अलावा सेंट्रल मार्केट शास्त्रीनगर, एल ब्लॉक, घंटाघर भूमिया का पुल समेत कई चौराहों पर पुलिस मुस्तैद दिखाई थी।
अधिकारियों की नाराजगी के बाद यह हाल
शास्त्रीनगर में डकैती की वारदात के बाद एडीजी व आईजी ने जिले की पुलिस को जमकर फटकार लगाई थी। दोनों अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए कि रोजाना रात में गश्त करें। कड़ाके की ठंड में भी पुलिस सड़क पर दिखे, नहीं तो कार्रवाई होगी। इतना सब होने के बावजूद थानों की पुलिस की स्थिति गश्त के नाम पर चिंताजनक है।