मेरठ। एक तरफ मालगाड़ी तो दूसरी ओर यात्री रेलगाड़ी के लिए निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। दिल्ली से मेरठ तक रैपिड रेल से सफर सुहावना बनाने के लिए कवायद जारी है। पश्चिम बंगाल के दनाकुनी से वाया मेरठ, लुधियाना तक ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण कार्य भी चल रहा है। केंद्र सरकार की नजर दोनों प्रोजेक्ट पर हैं। दोनों प्रोजेक्ट के लिए विश्व बैंक से भी सहायता मिली है।
पहले चरण में रैपिड रेल के 19 किमी का कार्य साहिबाबाद से दुहाई तक किया जा रहा है। इसके लिये एनसीआरटीसी ड्रोन से वीडियो बनाकर अपलोड किया। इसमें दुहाई में बनाए जा रहे पिलर को दिखाया गया। मेरठ-दिल्ली रोड पर बिना किसी बाधा के वाहनों का आवागमन भी वीडियो में दिखाया गया है। इस कार्य को वर्ष-2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है। जिससे शताब्दीनगर तक रैपिड रेल का संचालन किया जा सके। खुर्जा तक चालू डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का संचालन भदान से खुर्जा तक हो चुका है। इस ट्रैक पर कई मालगाड़ियों का ट्रायल किया जा चुका है। इसके आगे अब मेरठ से होते हुए ट्रैक को लुधियाना तक जाना है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के ट्वीटर एकाउंट पर ड्रोन से ली गयी ट्रैक की फोटो अपलोड की गई है। मेरठ में मोहिउद्दीनपुर के पास से होते हुए सकौती से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर गुजरेगा। इसे वर्ष-2021 तक गुजारा जाना है। इसके चलने के बाद मालगाड़ी इस ट्रैक से ही गुजरेगी।