मृतकों की आत्मा की शांति के लिए आज मेरठ विक्टोरिया पार्क अग्निकांड आहत कल्याण समिति की ओर से शांति यज्ञ और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है। समिति के सचिव संजय गुप्ता ने बताया कि पीड़ित परिवार आज भी न्याय की बाट जोह रहे हैं। इतने वर्षों बाद भी न तो उचित मुआवजा मिल पाया और न ही दोषियों को सजा मिल सकी।
हादसे का भयावह मंजर
उन्होंने बताया कि उस समय विक्टोरिया पार्क में पहली बार एसी पंडाल में प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसमें हजारों लोग प्रतिदिन पहुंच रहे थे लेकिन सुरक्षा इंतजाम बेहद लचर थे। पंडाल में प्रवेश और निकास के लिए सिर्फ एक ही संकरा द्वार था। अचानक शॉर्ट सर्किट से आग भड़क उठी और देखते ही देखते पूरा पंडाल धुएं और लपटों से घिर गया।
धुएं और जहरीली गैस के कारण लोग बेहोश होने लगे, वहीं ऊपर से पिघलती प्लास्टिक लोगों के शरीर पर गिर रही थी। भगदड़ मच गई और लोग बाहर निकलने के लिए एक-दूसरे पर गिरते चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस दिन का मंजर इतना भयावह था कि लोगों की रूह तक कांप उठी थी। चारों ओर धुएं का गुबार था और पंडाल के भीतर हर तरफ शव बिखरे पड़े थे।