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Meerut News: एक्सप्रेस-वे पर चलेंगे वाहन, नीचे से निकलेंगे गजराज

Fri, 03 Nov 2023 12:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
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जंगल के बीच से बनाया जा रहा एलिवेटेड रोड। संवाद
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छुटमलपुर। दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे के अंतर्गत शिवालिक जंगल और राजाजी राष्ट्रीय पार्क के बीच से बनाए जा रहे एशिया के सबसे लंबे और ऊंचे वन्य जीव गलियारे में एशियाई हाथियों सहित गुलदार, बाघ, हिरण आदि जानवरों के संरक्षण और विचरण की पूरी व्यवस्था की गई है। प्रतिवर्ष बरसात में नेपाल से हिमाचल तक विचरण करने वाले हाथियों के लिए विशेष रूप से अंडर पास दिए गए हैं। ऊपर से वाहन गुजरेंगे और नीचे से गजराज व अन्य जानवर निकलेंगे।
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दिल्ली के अक्षरधाम से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के आसारोड़ी तक 213 किमी लंबा यह एक्सप्रेस-वे बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से होते हुए गुजर रहा है। 11970 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस एक्सप्रेस वे में एशिया का सबसे लंबा वन्य जीव गलियारा बनाया जा रहा है। 20 किमी लंबे इस गलियारे में 12 किमी लंबाई की एलिवेटेड रोड बनाई जा रही है। आठ किमी के हिस्से में यह जमीन से होकर गुजरेगा। 1400 करोड़ से बनने वाली एलिवेटेड रोड में 575 पिलर बना कर उनके ऊपर से सड़क बनाई जा रही है। यह एलिवेटेड रोड राजाजी राष्ट्रीय पार्क के आरक्षित क्षेत्र से होकर गुजर रहा है। राजाजी पार्क में बाघ और एशियाई हाथियों की बड़ी आबादी है। यह विभिन्न प्रकार के जंगली जानवरों तेंदुआ, जंगली बिल्ली, हिमालयी काला भालू, स्लॉथ भालू, धारीदार लकड़बग्घा, गोरल, सांभर, जंगली सुअर, चित्तीदार हिरण, बार्किंग हिरण आदि का घर है।
एक्सप्रेस वे बनने के बाद वन्य जीवों की दिनचर्या प्रभावित न हो इसका पूरा ध्यान रखा गया है। डाट काली मंदिर से आसारोड़ी की तरफ एक्सप्रेस वे के साढ़े तीन किमी के हिस्से में वन्य जीवों के सुगमता से विचरण का भी पूरा ध्यान रखा गया है। यहां एक्सप्रेस वे के नीचे सात मीटर ऊंचाई के दो एलीफैंट काॅरिडोर बनाए गए हैं। ताकि इनके अंदर से हाथी शिवालिक जंगल से राजाजी पार्क की तरफ आसानी से आ जा सकें। इसके अलावा गुलदार, हिरण, भालू आदि जानवरों के विचरण के लिए छह पशु अंडरपास बनाए गए हैं। 12 माइनर अंडर पास भी बनाए गए हैं, जिनसे रेंगने वाले जंतु सांप, बिच्छू आदि निकल सकें। (संवाद)
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साउंड और लाइट बैरियर लगेंगे

एलिवेटेड रोड पर सौ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन दौड़ेंगे। ऐसे में रात के वक्त वन्य जीवों की नींद में खलल न पड़े, इसके लिए एलिवेटेड रोड पर साउंड और लाइट बैरियर लगाए जाएंगे। यह वाहनों के शोर और लाइट की रोशनी को वन्य क्षेत्र में जाने से रोकने का काम करेंगे।

मार्च 2024 तक एलिवेटेड रोड का काम कंप्लीट हो जाएगा। अप्रैल से इस पर वाहन फर्राटा भरने शुरू कर देंगे। इस पूरे रोड को वन्यजीवों के संरक्षण को ध्यान में रख कर बनाया गया है। वर्तमान में जहां लाल पुल है वहां पर पुलिस और वन विभाग की चौकी के साथ ही घायलों के उपचार हेतु प्राथमिक चिकित्सा केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।
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- पंकज मौर्य, परियोजना निदेशक एनएचएआई
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