इस तरह के करीब 2000 मामले हैं जिनका रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी इन वाहनों को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं मिल सकी है। इसके चलते विभाग ने आरसी भी नहीं दी है। जबकि वाहन बिक्री के तीन दिन के अंदर ही सब प्रक्रिया पूरी कर आरसी दिया जाना जरूरी है।
नंबर प्लेट अपलोड होने के बाद ही निकलती है आरसी
वाहनों की सुरक्षा के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की शुरुआत की गई है। नंबर प्लेट देने की जिम्मेदारी वाहन डीलरों को सौंपी गई है। डीलर को वाहन पर नंबर प्लेट लगाकर उसे परिवहन विभाग के सिस्टम पर अपलोड करना होता है। इसके बाद ही आरसी निकलती है।
डीलरों की उदासीनता का दंश झेल रहे वाहन स्वामी
करीब दो हजार वाहन स्वामी डीलरों की लापरवाही का दंश झेल रहे हैं। लोगों का कहना है कि नंबर प्लेट के लिए चक्कर काट रहे हैं, चार-पांच महीने से कुछ नहीं हो पा रहा है।